दिल्ली के 10 रोचक तथ्य: राजधानी, विरासत और मेट्रो
1911 में राजधानी बदलने की घोषणा, तीन यूनेस्को धरोहरें, जहाँआरा का बसाया चाँदनी चौक और 2002 में शुरू हुई मेट्रो — दिल्ली के 10 रोचक तथ्य।
रोहित टंडन · 7 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट
दिल्ली सिर्फ़ भारत की राजधानी नहीं, बल्कि हज़ारों साल के इतिहास की गवाह है। महाभारत के इंद्रप्रस्थ से लेकर सल्तनत, मुग़ल, ब्रिटिश काल और आज़ाद भारत तक — दिल्ली कई बार बसी, उजड़ी और फिर बसी। यहाँ दिल्ली के 10 रोचक तथ्य हैं।
1. कलकत्ता से दिल्ली
ब्रिटिश भारत की राजधानी पहले कलकत्ता (कोलकाता) थी। 12 दिसंबर 1911 को दिल्ली दरबार में राजा जॉर्ज पंचम ने राजधानी दिल्ली ले जाने की घोषणा की।
2. नई दिल्ली का उद्घाटन
नई राजधानी के लिए एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने "नई दिल्ली" की योजना बनाई। 13 फ़रवरी 1931 को नई दिल्ली का औपचारिक उद्घाटन हुआ।
3. तीन यूनेस्को विश्व धरोहर
दिल्ली में तीन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं — क़ुतुब मीनार और उसका परिसर, हुमायूँ का मक़बरा और लाल क़िला परिसर। हुमायूँ का मक़बरा भारत में बड़े बाग़ वाले मक़बरों की शुरुआती मिसाल है, जिसकी झलक बाद में ताजमहल में भी दिखती है।
4. लाल क़िला
मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी नई राजधानी शाहजहानाबाद में लाल क़िला बनवाया, जो 1648 में पूरा हुआ। आज़ादी के बाद से हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल क़िले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं।
5. चाँदनी चौक
पुरानी दिल्ली का मशहूर बाज़ार चाँदनी चौक शाहजहाँ की बेटी जहाँआरा ने 17वीं सदी में बसाया था। कहा जाता है कि पहले इसके बीच एक नहर बहती थी जिसमें चाँदनी झिलमिलाती थी — इसी से इसका नाम पड़ा।
क्या आप जानते हैं? क़ुतुब परिसर में खड़ा लौह स्तंभ लगभग 1,600 साल पुराना है और खुले में रहने के बावजूद उस पर बहुत कम जंग लगी है।
6. यमुना के किनारे
दिल्ली यमुना नदी के किनारे बसी है। नदी के पश्चिमी किनारे पर पुरानी दिल्ली और उसके आसपास का ऐतिहासिक इलाक़ा है।
7. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र
1991 में संविधान के 69वें संशोधन से दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) का दर्जा मिला और इसकी अपनी विधानसभा बनी। दिल्ली का क्षेत्रफल लगभग 1,484 वर्ग किलोमीटर है।
8. दिल्ली मेट्रो
दिल्ली मेट्रो की पहली लाइन 24 दिसंबर 2002 को शाहदरा और तीस हज़ारी के बीच शुरू हुई। आज यह देश के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्कों में से एक है और रोज़ लाखों लोगों को सफ़र कराती है।
9. राष्ट्रपति भवन
रायसीना हिल पर बना राष्ट्रपति भवन भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है। इसमें 340 कमरे हैं और इसके मुग़ल गार्डन — जिन्हें अब "अमृत उद्यान" कहा जाता है — हर साल कुछ समय के लिए आम लोगों के लिए खुलते हैं।
10. आधुनिक स्थापत्य
दिल्ली का कमल मंदिर (बहाई उपासना गृह, 1986) अपने कमल के फूल जैसे आकार के लिए और अक्षरधाम मंदिर (2005) अपनी भव्य नक़्क़ाशी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।
दिल्ली के "सात शहर"
इतिहासकार अक्सर कहते हैं कि आज की दिल्ली कई पुराने शहरों को मिलाकर बनी है। परंपरा के अनुसार इसकी शुरुआत पांडवों के इंद्रप्रस्थ से मानी जाती है। इसके बाद तोमरों और चौहानों का लाल कोट (क़िला राय पिथौरा), अलाउद्दीन ख़िलजी का सीरी, तुग़लकों का तुग़लक़ाबाद, शेरशाह सूरी के समय का पुराना क़िला और शाहजहाँ का शाहजहानाबाद बसे। हर शासक ने अपनी नई राजधानी बनाई, इसलिए दिल्ली के हर कोने में इतिहास की कोई न कोई परत दिखती है।
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