15 अगस्त 1947 के रोचक तथ्य: आज़ादी का पहला दिन
15 अगस्त 1947 के रोचक तथ्य: गांधीजी दिल्ली में क्यों नहीं थे, यह तारीख़ किसने चुनी और लाल क़िले पर तिरंगा पहली बार कब फहराया गया।
रोहित टंडन · 9 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट
15 अगस्त 1947 भारत के इतिहास का सबसे ख़ास दिन है — इसी दिन लगभग 200 साल के ब्रिटिश शासन के बाद देश आज़ाद हुआ। हर साल हम स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं, लेकिन उस पहले दिन से जुड़ी कई बातें कम लोग जानते हैं: यह तारीख़ किसने चुनी, आधी रात को क्या हुआ, गांधीजी कहाँ थे और उस दिन देश में अभी क्या-क्या बाक़ी था।
यह तारीख़ क्यों चुनी गई?
ब्रिटिश संसद ने पहले जून 1948 तक भारत को सत्ता सौंपने की बात कही थी। लेकिन अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने यह काम जल्दी करने का फ़ैसला किया और 15 अगस्त की तारीख़ चुनी। यह वही तारीख़ थी जिस दिन 1945 में दूसरे विश्व युद्ध में जापान ने आत्मसमर्पण की घोषणा की थी, जब माउंटबेटन दक्षिण-पूर्व एशिया में मित्र देशों की सेना के सर्वोच्च कमांडर थे। भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 18 जुलाई 1947 को पारित हुआ।
आधी रात का सत्र
- 14 अगस्त की रात 11 बजे संविधान सभा का विशेष सत्र शुरू हुआ, जिसकी अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की।
- आधी रात से ठीक पहले जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध भाषण "ट्रिस्ट विद डेस्टिनी" (नियति से साक्षात्कार) दिया।
- रात 12 बजे भारत आज़ाद हुआ। शंख बजाकर इस क्षण का स्वागत किया गया।
- सुचेता कृपलानी ने सत्र में "वंदे मातरम्" गाया था।
क्या आप जानते हैं? आज़ादी के दिन महात्मा गांधी दिल्ली में नहीं थे। वे कलकत्ता के बेलियाघाटा में थे, जहाँ वे सांप्रदायिक दंगों को शांत करने के लिए उपवास और प्रार्थना कर रहे थे।
उस दिन क्या हुआ
- प्रधानमंत्री और गवर्नर-जनरल: नेहरू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। माउंटबेटन स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने; जून 1948 में सी. राजगोपालाचारी पहले भारतीय गवर्नर-जनरल बने।
- तिरंगा: राष्ट्रीय ध्वज का वर्तमान रूप संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को अपनाया था। लाल क़िले से प्रधानमंत्री के तिरंगा फहराने की परंपरा 16 अगस्त 1947 को शुरू हुई, जब नेहरू ने वहाँ पहली बार झंडा फहराया।
- सीमा रेखा बाद में: भारत-पाकिस्तान की सीमा तय करने वाली रेडक्लिफ़ रेखा 17 अगस्त 1947 को घोषित की गई — यानी आज़ादी के दो दिन बाद।
जो अभी बाक़ी था
| बात | कब पूरी हुई |
|---|---|
| राष्ट्रगान "जन गण मन" को आधिकारिक दर्जा | 24 जनवरी 1950 |
| संविधान लागू, भारत गणराज्य बना | 26 जनवरी 1950 |
| हैदराबाद का भारत में विलय | सितंबर 1948 |
| गोवा, दमन और दीव की आज़ादी | 19 दिसंबर 1961 |
| पुदुचेरी (फ़्रांसीसी बस्तियाँ) का वास्तविक हस्तांतरण | 1 नवंबर 1954 |
रियासतें और पहला डाक टिकट
आज़ादी के समय 560 से ज़्यादा रियासतें थीं। सरदार पटेल और वी. पी. मेनन की कोशिशों से 15 अगस्त 1947 तक ज़्यादातर रियासतों ने "विलय-पत्र" पर हस्ताक्षर कर दिए थे, लेकिन हैदराबाद, जूनागढ़ और जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय बाद में हुआ। आज़ाद भारत का पहला डाक टिकट 21 नवंबर 1947 को जारी हुआ, जिस पर तिरंगा और "जय हिंद" छपा था। उस समय पैसे "आने" में गिने जाते थे — यह टिकट साढ़े तीन आने का था।
15 अगस्त को और कौन आज़ादी मनाता है?
भारत अकेला देश नहीं है जो 15 अगस्त को अपना राष्ट्रीय दिवस मनाता है। दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया 1945 में जापानी शासन से मुक्ति का दिन मनाते हैं, कांगो गणराज्य 1960 में फ़्रांस से आज़ाद हुआ और बहरीन 1971 में ब्रिटिश संरक्षण से। लिकटेंस्टीन भी इसी दिन राष्ट्रीय दिवस मनाता है।
आज़ादी तक पहुँचने का पूरा सफ़र पढ़ें: स्वतंत्रता संग्राम के प्रसिद्ध नारे, और इस दिन की हर साल की घटनाएँ देखें 15 अगस्त का इतिहास में।
मुख्य बिंदु
- लॉर्ड माउंटबेटन ने 15 अगस्त की तारीख़ चुनी — 1945 में इसी दिन जापान ने आत्मसमर्पण की घोषणा की थी।
- भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 18 जुलाई 1947 को पारित हुआ।
- 14 अगस्त की रात 11 बजे संविधान सभा का विशेष सत्र शुरू हुआ।
- आज़ादी के दिन गांधीजी दिल्ली के समारोहों से दूर थे।
- 15 अगस्त को कुछ और देश भी अपनी आज़ादी का दिन मनाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
15 अगस्त 1947 को भारत का प्रधानमंत्री कौन था?
पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। पूरी कहानी पढ़ें: नेहरू के 10 ज़रूरी तथ्य।
2026 में भारत ने कौन-सा स्वतंत्रता दिवस मनाया?
1947 को पहला मानें तो 15 अगस्त 2026 को भारत ने 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया, यानी आज़ादी के 79 साल पूरे हुए।
स्रोत
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