भारत की प्रमुख नदियाँ और उनका उद्गम — लंबाई और सागर सहित पूरी सूची
गंगा से कावेरी तक भारत की दस प्रमुख नदियाँ: कहाँ से निकलती हैं, कितनी लंबी हैं और किस सागर में मिलती हैं — एक तालिका में।
रोहित टंडन · 2 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट
भारत को नदियों का देश कहा जाता है। हमारी सभ्यता सिंधु और गंगा के किनारे पनपी, खेती आज भी नदियों के पानी पर टिकी है और देश के बड़े शहर — दिल्ली, कोलकाता, पटना, हैदराबाद — किसी न किसी नदी के किनारे बसे हैं। इस लेख में भारत की दस प्रमुख नदियों का उद्गम (जहाँ से नदी निकलती है), उनकी लगभग लंबाई और वह सागर, जिसमें वे अंत में मिलती हैं, एक जगह दिया गया है।
हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियाँ — मूल अंतर
भारत की नदियों को दो बड़े समूहों में बाँटा जाता है। हिमालयी नदियाँ — जैसे गंगा, यमुना, सिंधु और ब्रह्मपुत्र — बर्फ़ और हिमनदों से पानी पाती हैं, इसलिए इनमें साल भर पानी रहता है। इन्हें सदानीरा (बारहमासी) नदियाँ कहते हैं। प्रायद्वीपीय नदियाँ — जैसे गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और नर्मदा — मुख्य रूप से मानसून की बारिश पर निर्भर हैं, इसलिए गर्मियों में इनका पानी काफ़ी घट जाता है। प्रायद्वीपीय नदियाँ पुरानी और कठोर चट्टानों से होकर बहती हैं, इसलिए इनकी घाटियाँ उथली और चौड़ी होती हैं।
भारत की 10 प्रमुख नदियाँ: एक नज़र में
| नदी | उद्गम | लगभग लंबाई | कहाँ मिलती है |
|---|---|---|---|
| गंगा | गंगोत्री हिमनद (गौमुख), उत्तराखंड | 2,525 किमी | बंगाल की खाड़ी |
| यमुना | यमुनोत्री हिमनद, उत्तराखंड | 1,376 किमी | गंगा (प्रयागराज में) |
| ब्रह्मपुत्र | मानसरोवर के पास, तिब्बत | लगभग 2,900 किमी (भारत में करीब 916 किमी) | बंगाल की खाड़ी |
| सिंधु | मानसरोवर के पास, तिब्बत | लगभग 3,180 किमी (भारत में करीब 1,114 किमी) | अरब सागर |
| गोदावरी | त्र्यंबकेश्वर, नासिक (महाराष्ट्र) | 1,465 किमी | बंगाल की खाड़ी |
| कृष्णा | महाबलेश्वर (महाराष्ट्र) | लगभग 1,400 किमी | बंगाल की खाड़ी |
| नर्मदा | अमरकंटक (मध्य प्रदेश) | 1,312 किमी | अरब सागर (खंभात की खाड़ी) |
| ताप्ती | मुलताई, बैतूल (मध्य प्रदेश) | 724 किमी | अरब सागर |
| महानदी | सिहावा, धमतरी (छत्तीसगढ़) | 851 किमी | बंगाल की खाड़ी |
| कावेरी | तलकावेरी, कोडगु (कर्नाटक) | लगभग 800 किमी | बंगाल की खाड़ी |
लंबाई के आँकड़े अलग-अलग स्रोतों में थोड़े अलग मिलते हैं, क्योंकि मापने का तरीका (मुख्य धारा कहाँ से गिनी जाए) बदल जाता है। यहाँ NCERT और केंद्रीय जल आयोग में इस्तेमाल होने वाले मान दिए गए हैं।
पूर्व की ओर या पश्चिम की ओर?
भारत की ज़्यादातर बड़ी प्रायद्वीपीय नदियाँ — महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी — पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और समुद्र से पहले उपजाऊ डेल्टा बनाती हैं। इसके उलट नर्मदा और ताप्ती पश्चिम की ओर बहती हैं। ये दोनों भ्रंश घाटियों (रिफ़्ट घाटी) से होकर अरब सागर में गिरती हैं और डेल्टा की जगह ज्वारनदमुख (एस्चुअरी) बनाती हैं।
क्या आप जानते हैं? गंगा और ब्रह्मपुत्र मिलकर दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा बनाती हैं — सुंदरबन, जो रॉयल बंगाल टाइगर का घर है।
नदियाँ हमारे लिए इतनी ज़रूरी क्यों हैं
- खेती: उत्तर भारत का उपजाऊ मैदान गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों की लाई मिट्टी से बना है।
- पीने का पानी और बिजली: भाखड़ा-नांगल (सतलुज), सरदार सरोवर (नर्मदा) और नागार्जुन सागर (कृष्णा) जैसे बाँध सिंचाई, पानी और बिजली देते हैं।
- संस्कृति: कुंभ मेला प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन (क्षिप्रा) और नासिक (गोदावरी) में नदियों के किनारे लगता है।
- जैव विविधता: गंगा डॉल्फ़िन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है, जो साफ़ और गहरे पानी में ही रहती है।
याद रखने की आसान ट्रिक
पश्चिम की ओर बहने वाली दो बड़ी नदियाँ याद रखने के लिए "न-ता" याद कीजिए — नर्मदा और ताप्ती। बाक़ी बड़ी प्रायद्वीपीय नदियाँ पूर्व की ओर बहती हैं।
अपनी तैयारी परखने के लिए कक्षा 6 का GK क्विज़: भारत की नदियाँ और पर्वत खेलें, या भूगोल के और प्रश्न देखें।
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