मुख्य सामग्री पर जाएँ
नया आज का क्विज़ शुरू — 10 प्रश्न, 5 मिनट। अभी खेलें

कंप्यूटर का इतिहास: अबेकस से सुपरकंप्यूटर तक

कंप्यूटर का इतिहास: अबेकस, चार्ल्स बैबेज और एडा लवलेस, कमरे जितना बड़ा ENIAC, कंप्यूटर की पाँच पीढ़ियाँ, पहला "बग" और भारत के TIFRAC से PARAM तक।

· 25 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट

आज जिस फ़ोन या लैपटॉप पर आप यह पढ़ रहे हैं, उसमें छिपा कंप्यूटर कुछ दशक पहले के कमरे जितने बड़े कंप्यूटरों से हज़ारों गुना ताक़तवर है। लेकिन यह सफ़र गिनती करने वाले साधारण मनकों से शुरू हुआ था। यहाँ कंप्यूटर का इतिहास आसान भाषा में दिया गया है — गिनती के पहले औज़ारों से लेकर आज के सुपरकंप्यूटर तक।

गिनती की मशीनों से कंप्यूटर तक

सालखोजकिसने
प्राचीन कालअबेकस — मनकों वाला गिनती का फ़्रेममेसोपोटामिया, चीन और दूसरी सभ्यताएँ
1642पास्कलाइन — जोड़ने-घटाने वाली मशीनब्लेज़ पास्कल
1822–1837डिफ़रेंस इंजन और एनालिटिकल इंजन के डिज़ाइनचार्ल्स बैबेज
1843मशीन के लिए पहला प्रकाशित "प्रोग्राम"एडा लवलेस
1936"ट्यूरिंग मशीन" का विचारएलन ट्यूरिंग
1945–46ENIAC — शुरुआती इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटरों मेंअमेरिका, पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय
1971पहला व्यावसायिक माइक्रोप्रोसेसर (Intel 4004)इंटेल
1981IBM PC, जिसने घर-दफ़्तर में कंप्यूटर पहुँचायाIBM

चार्ल्स बैबेज: कंप्यूटर के जनक

19वीं सदी में ब्रिटेन के गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज ने "एनालिटिकल इंजन" का डिज़ाइन बनाया, जिसमें आज के कंप्यूटर जैसे हिस्से थे — डेटा डालने का तरीक़ा, गणना करने वाली "मिल", याद रखने वाला "स्टोर" और नतीजा छापने का तरीक़ा। पैसे और तकनीक की कमी से यह मशीन उनके जीवन में पूरी नहीं बन पाई, फिर भी उन्हें "कंप्यूटर का जनक" कहा जाता है। उनकी साथी एडा लवलेस ने इस मशीन के लिए गणना का एक तरीक़ा लिखा, इसलिए उन्हें दुनिया की पहली "प्रोग्रामर" माना जाता है।

कंप्यूटर की पाँच पीढ़ियाँ

  • पहली पीढ़ी (लगभग 1940–56) — वैक्यूम ट्यूब: ENIAC में लगभग 17,500 वैक्यूम ट्यूब थीं, उसका वज़न लगभग 27 टन था और वह एक बड़े कमरे जितना था।
  • दूसरी पीढ़ी (लगभग 1956–63) — ट्रांज़िस्टर: 1947 में अमेरिका की बेल लैब्स में ट्रांज़िस्टर बना, जिससे कंप्यूटर छोटे, सस्ते और भरोसेमंद हुए।
  • तीसरी पीढ़ी (लगभग 1964–71) — इंटीग्रेटेड सर्किट (IC): एक छोटी-सी चिप पर कई ट्रांज़िस्टर।
  • चौथी पीढ़ी (1971 से) — माइक्रोप्रोसेसर: पूरा प्रोसेसर एक चिप पर, जिससे पर्सनल कंप्यूटर और लैपटॉप बने।
  • पाँचवीं पीढ़ी — आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस: ऐसे कंप्यूटर जो सीख सकें, भाषा समझ सकें और फ़ैसलों में मदद कर सकें।

क्या आप जानते हैं? कंप्यूटर की गड़बड़ी को "बग" (कीड़ा) कहने की एक मशहूर कहानी 1947 की है। अमेरिका के हार्वर्ड मार्क II कंप्यूटर में ख़राबी आई, तो जाँच में उसके अंदर एक असली पतंगा फँसा मिला। ग्रेस हॉपर की टीम ने उसे लॉगबुक में चिपकाकर लिखा — "बग मिलने का पहला असली मामला"। "बग" शब्द इससे पहले भी इंजीनियर इस्तेमाल करते थे, लेकिन यह किस्सा बहुत मशहूर हुआ।

भारत में कंप्यूटर

भारत का पहला स्वदेशी कंप्यूटर TIFRAC मुंबई के टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान में बना और 1960 के आसपास काम करने लगा। 1991 में पुणे के C-DAC ने डॉ. विजय भटकर के नेतृत्व में "PARAM 8000" सुपरकंप्यूटर बनाया, जब भारत को विदेश से सुपरकंप्यूटर ख़रीदने में दिक़्क़तें आ रही थीं। पूरी कहानी पढ़ें: भारत का पहला कंप्यूटर: TIFRAC से PARAM तक। आज भारत में "राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन" के तहत कई सुपरकंप्यूटर मौसम, विज्ञान और शोध में मदद कर रहे हैं।

मूर का नियम

1965 में इंटेल के सह-संस्थापक गॉर्डन मूर ने कहा कि एक चिप पर लगने वाले ट्रांज़िस्टरों की संख्या लगभग हर दो साल में दोगुनी होती जाएगी। यह अनुमान दशकों तक लगभग सही साबित हुआ, और इसी कारण कंप्यूटर हर कुछ साल में और तेज़, छोटे और सस्ते होते गए। आज एक आम स्मार्टफ़ोन की चिप में अरबों ट्रांज़िस्टर होते हैं।

मुख्य बिंदु

  • चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है।
  • एडा लवलेस को दुनिया की पहली प्रोग्रामर माना जाता है।
  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर वैक्यूम ट्यूब से चलते थे; चौथी पीढ़ी माइक्रोप्रोसेसर की है।
  • भारत का पहला स्वदेशी कंप्यूटर TIFRAC था।
  • भारत का पहला सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 (1991) था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है?

ब्रिटेन के गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज को, जिन्होंने "एनालिटिकल इंजन" का डिज़ाइन बनाया।

भारत का पहला सुपरकंप्यूटर कौन-सा है?

PARAM 8000, जिसे C-DAC ने 1991 में बनाया।

और लेख: विज्ञान · अभ्यास: विज्ञान के प्रश्न।

स्रोत

  1. Computer History Museum (नए टैब में खुलता है)
  2. Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) — PARAM (नए टैब में खुलता है)
  3. NCERT — Computer Science, Class 11 (नए टैब में खुलता है)
कंप्यूटर का इतिहास: अबेकस से सुपरकंप्यूटर तक

उपयोगी लगा? शेयर करें।

त्रुटि बताएँ

और पढ़ें