भारत के प्रमुख दर्रे: खारदुंग ला से नाथु ला तक
भारत के प्रमुख दर्रे एक सूची में: खारदुंग ला, उमलिंग ला, ज़ोजी ला, रोहतांग, शिपकी ला, नाथु ला और पश्चिमी घाट का पालघाट — कहाँ हैं और क्यों ज़रूरी हैं।
रोहित टंडन · 16 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट
ऊँचे पहाड़ों के बीच वह नीचा रास्ता, जिससे एक घाटी से दूसरी घाटी तक पहुँचा जा सके, दर्रा कहलाता है। लद्दाख और हिमालय की भाषाओं में "ला" का अर्थ ही दर्रा है। सदियों से व्यापारी, तीर्थयात्री और सेनाएँ इन्हीं दर्रों से होकर गुज़रे हैं। यहाँ भारत के प्रमुख दर्रे उनके राज्य और महत्व के साथ दिए गए हैं।
हिमालय के प्रमुख दर्रे
| दर्रा | राज्य / क्षेत्र | क्या जोड़ता है / ख़ास बात |
|---|---|---|
| उमलिंग ला | लद्दाख | लगभग 5,800 मीटर; दुनिया की सबसे ऊँची मोटर चलने लायक़ सड़क |
| खारदुंग ला | लद्दाख | लेह को नुब्रा घाटी से; दुनिया की ऊँची मोटर-सड़कों में |
| ज़ोजी ला | लद्दाख–जम्मू-कश्मीर | श्रीनगर को लेह (कारगिल) से; सर्दियों में बर्फ़ से बंद |
| बनिहाल | जम्मू-कश्मीर | पीर पंजाल पार कर जम्मू को कश्मीर घाटी से |
| रोहतांग | हिमाचल प्रदेश | कुल्लू-मनाली को लाहौल-स्पीति से |
| शिपकी ला | हिमाचल प्रदेश | सतलुज नदी इसी के पास से भारत में आती है; तिब्बत से व्यापार मार्ग |
| लिपुलेख | उत्तराखंड | कैलाश मानसरोवर यात्रा का मार्ग |
| नाथु ला | सिक्किम | भारत–चीन सीमा व्यापार और कैलाश यात्रा का दूसरा मार्ग |
| बोम डी ला | अरुणाचल प्रदेश | तवांग की ओर जाने वाला मार्ग |
पहाड़ के नीचे से रास्ता: सुरंगें
बर्फ़ के कारण कई ऊँचे दर्रे महीनों बंद रहते हैं। इसलिए अब इनके नीचे सुरंगें बनाई जा रही हैं। रोहतांग दर्रे के नीचे बनी अटल सुरंग (लगभग 9 किलोमीटर) अक्टूबर 2020 में खुली — 10,000 फ़ुट से ऊपर दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग। इससे मनाली से लाहौल-स्पीति का रास्ता साल भर खुला रहता है और सफ़र कई घंटे कम हो गया। ज़ोजी ला के नीचे भी सुरंग का काम चल रहा है, और बनिहाल के पास पीर पंजाल रेल सुरंग कश्मीर घाटी को रेल से जोड़ती है।
क्या आप जानते हैं? सीमा सड़क संगठन (BRO) ने लद्दाख में उमलिंग ला पर लगभग 5,800 मीटर की ऊँचाई पर सड़क बनाई है, जिसे गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे ऊँची मोटर चलने लायक़ सड़क माना है — यह एवरेस्ट बेस कैंप से भी ऊँची है।
दक्षिण भारत के दर्रे और घाट
- पालघाट (पालक्काड) दर्रा: पश्चिमी घाट में लगभग 30–40 किलोमीटर चौड़ा यह प्राकृतिक दर्रा केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है। इसी से होकर रेल और राष्ट्रीय राजमार्ग गुज़रते हैं।
- भोर घाट: महाराष्ट्र में मुंबई को पुणे से जोड़ने वाला पहाड़ी मार्ग, जिससे रेल और एक्सप्रेसवे गुज़रते हैं।
- थाल घाट: मुंबई को नासिक से जोड़ने वाला मार्ग।
इतिहास के दर्रे
भारत के इतिहास में उत्तर-पश्चिम के दर्रों की बड़ी भूमिका रही। आज पाकिस्तान–अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर स्थित खैबर दर्रे से होकर सदियों तक व्यापारी, यात्री और कई आक्रमणकारी भारतीय उपमहाद्वीप में आए। बोलन दर्रा भी ऐसा ही एक पुराना रास्ता था। इसी कारण पुराने शासक इन रास्तों की निगरानी पर ख़ास ध्यान देते थे, और एशिया की सबसे पुरानी सड़कों में गिनी जाने वाली ग्रैंड ट्रंक रोड भी इन्हीं की ओर जाती थी।
दर्रों का महत्व
- सुरक्षा: कई दर्रे सीमा के पास हैं, इसलिए सेना की आवाजाही के लिए बहुत अहम हैं।
- व्यापार और तीर्थ: प्राचीन रेशम मार्ग की शाखाएँ और कैलाश मानसरोवर यात्रा इन्हीं दर्रों से जाती रही हैं।
- पर्यटन: खारदुंग ला, रोहतांग और नाथु ला देखने हर साल लाखों पर्यटक जाते हैं।
- चुनौती: ऊँचाई पर ऑक्सीजन कम होती है, इसलिए धीरे-धीरे ऊँचाई पर जाना और शरीर को ढलने का समय देना ज़रूरी है।
मुख्य बिंदु
- "ला" का अर्थ दर्रा है — जैसे खारदुंग ला, नाथु ला।
- उमलिंग ला (लद्दाख) पर दुनिया की सबसे ऊँची मोटर चलने लायक़ सड़क है।
- ज़ोजी ला श्रीनगर को लेह से और रोहतांग मनाली को लाहौल-स्पीति से जोड़ता है।
- रोहतांग के नीचे अटल सुरंग 2020 में खुली।
- पालघाट दर्रा पश्चिमी घाट में केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नाथु ला दर्रा किस राज्य में है?
सिक्किम में; यह भारत और चीन (तिब्बत) के बीच सीमा व्यापार का रास्ता है।
ज़ोजी ला किन जगहों को जोड़ता है?
श्रीनगर (कश्मीर घाटी) को कारगिल और लेह (लद्दाख) से।
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