सड़क पर पीली और सफ़ेद लाइनों का मतलब: हर ड्राइवर को पता होना चाहिए
टूटी सफ़ेद लाइन, सीधी सफ़ेद लाइन, पीली लाइन और दोहरी पीली लाइन — सड़क पर बनी इन लकीरों का क्या मतलब है और ओवरटेक कब करना चाहिए।
रोहित टंडन · 4 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट
सड़क पर बनी सफ़ेद और पीली लकीरें सिर्फ़ सजावट नहीं हैं — ये ड्राइवरों के लिए बिना शब्दों के लिखे नियम हैं। इन्हें समझकर गाड़ी चलाने से दुर्घटनाओं का ख़तरा काफ़ी कम हो जाता है। भारत में सड़क चिह्नों के मानक इंडियन रोड्स कांग्रेस (IRC) की गाइडलाइन और केंद्र सरकार के "रूल्स ऑफ़ द रोड" नियमों पर आधारित हैं। यहाँ सबसे आम लाइनों का सरल मतलब दिया गया है।
1. टूटी हुई सफ़ेद लाइन
सड़क के बीच या लेनों के बीच बनी टूटी-टूटी सफ़ेद लाइन बताती है कि आप सावधानी से लेन बदल सकते हैं या आगे की गाड़ी को ओवरटेक कर सकते हैं — बशर्ते आगे का रास्ता साफ़ दिख रहा हो और आप इंडिकेटर दें।
2. सीधी (लगातार) सफ़ेद लाइन
लगातार खिंची सफ़ेद लाइन का मतलब है — अपनी लेन में बने रहिए। इसे पार करके लेन बदलना या ओवरटेक करना ठीक नहीं माना जाता। ये लाइनें अक्सर मोड़ों, पुलों, चौराहों के पास और उन जगहों पर बनाई जाती हैं जहाँ आगे देखने की दूरी कम होती है।
3. सीधी पीली लाइन
दो-तरफ़ा सड़क के बीच बनी लगातार पीली लाइन का अर्थ है कि यहाँ ओवरटेक करना मना है। आप अपनी तरफ़ ही चलें और सामने से आने वाले ट्रैफ़िक की लेन में न जाएँ। कुछ राज्यों में ऐसी लाइनें ख़तरनाक मोड़ों और पहाड़ी रास्तों पर ख़ास तौर पर बनाई जाती हैं।
4. दोहरी सीधी पीली लाइन
दो समानांतर सीधी पीली लाइनें सबसे सख़्त संकेत हैं — इन्हें बिल्कुल पार न करें। न ओवरटेक, न यू-टर्न, न दूसरी तरफ़ जाना। ये आमतौर पर बहुत व्यस्त या जोखिम भरी सड़कों पर होती हैं।
5. टूटी हुई पीली लाइन
बीच में टूटी पीली लाइन होने पर आप सावधानी से ओवरटेक कर सकते हैं, यदि सामने से कोई वाहन न आ रहा हो और पर्याप्त दूरी साफ़ दिख रही हो।
क्या आप जानते हैं? एक सीधी और एक टूटी लाइन साथ हों तो नियम आपकी तरफ़ वाली लाइन से तय होता है: आपकी ओर टूटी लाइन है तो सावधानी से ओवरटेक कर सकते हैं, सीधी लाइन है तो नहीं।
सड़क के और ज़रूरी चिह्न
- स्टॉप लाइन: चौराहे या सिग्नल पर बनी मोटी सफ़ेद आड़ी लाइन — लाल बत्ती पर गाड़ी इससे पहले रोकें।
- ज़ेब्रा क्रॉसिंग: पैदल यात्रियों के सड़क पार करने की जगह — यहाँ पैदल यात्री को पहले जाने दें।
- तीर के निशान: लेन में बने तीर बताते हैं कि उस लेन से सीधा, बाएँ या दाएँ जाना है।
- पीली-काली धारियों वाले डिवाइडर/किनारे: ख़तरे या रुकावट की चेतावनी।
क्यों ज़रूरी है ये जानना?
भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में हज़ारों लोगों की जान जाती है, और ग़लत तरीके से ओवरटेक करना दुर्घटनाओं के बड़े कारणों में से एक है। सड़क की लाइनों को समझना, गति सीमा मानना, हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना — ये छोटी आदतें आपकी और दूसरों की जान बचा सकती हैं। ध्यान रखें कि सड़क पर लगे संकेत-बोर्ड और स्थानीय ट्रैफ़िक पुलिस के निर्देश सबसे ऊपर होते हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए होने वाली लर्निंग लाइसेंस परीक्षा में सड़क चिह्नों और संकेतों से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें समझना परीक्षा और सुरक्षा — दोनों के लिए ज़रूरी है।
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