भारत की सबसे बड़ी झील कौन-सी है? वुलर, चिल्का और लोकटक
वुलर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है और चिल्का सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून। परीक्षा में सही जवाब कैसे दें, हर रिकॉर्ड झील के साथ एक तालिका में।
रोहित टंडन · 7 अक्टूबर 2026 · 3 मिनट
भारत की सबसे बड़ी झील कौन-सी है, यह पानी के प्रकार पर निर्भर करता है। जम्मू-कश्मीर की वुलर झील मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है, जबकि ओडिशा की चिल्का झील खारे पानी की सबसे बड़ी झील, यानी एक तटीय लैगून (lagoon), है। अगर परीक्षा में सिर्फ़ "सबसे बड़ी झील" पूछा जाए, तो विकल्प ध्यान से पढ़िए, अपेक्षित उत्तर आमतौर पर इन्हीं दोनों में से एक होता है।
भारत में और भी रिकॉर्ड झीलें हैं। सांभर अंतर्देशीय खारे पानी की सबसे बड़ी झील है, वेम्बनाड सबसे लंबी झील और लोकटक तैरते द्वीपों वाली झील। नीचे हर एक के बारे में और यह भी समझाया गया है कि कुछ झीलें मीठी और कुछ खारी क्यों होती हैं।
भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील कौन-सी है?
वुलर झील जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा ज़िले में है और एशिया की बड़ी मीठे पानी की झीलों में गिनी जाती है। झेलम नदी इसमें आकर मिलती है और फिर आगे बहती है, इसलिए यह झील नदी के रास्ते में एक बड़ी प्राकृतिक टंकी की तरह काम करती है। मौसम के साथ इसका आकार काफ़ी बदलता है, बर्फ़ पिघलने और बारिश के बाद फैलता है और सूखे महीनों में सिकुड़ जाता है।
यह फैलना काम का है। जब झेलम में बाढ़ आती है, तो वुलर अतिरिक्त पानी सोख लेती है और कश्मीर घाटी के कस्बों को बचाती है, ठीक वैसे जैसे भारी बारिश में गाँव का तालाब भरकर आसपास के घरों को पानी से बचा लेता है। वुलर एक रामसर स्थल भी है, यानी अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (wetland)।
भारत की खारे पानी की सबसे बड़ी झील कौन-सी है?
ओडिशा की चिल्का झील भारत की खारे पानी की सबसे बड़ी झील है। यह एक लैगून है, यानी उथला जलाशय जो बंगाल की खाड़ी से रेत की पतली पट्टी द्वारा अलग है और जहाँ समुद्र का पानी नदियों के पानी से मिलता है। चिल्का विकास प्राधिकरण के अनुसार इसका जल-फैलाव गर्मियों में लगभग 900 वर्ग किमी से मानसून में लगभग 1,165 वर्ग किमी तक बदलता है।
हर सर्दी में लाखों प्रवासी पक्षी चिल्का आते हैं, और यह दुर्लभ इरावदी डॉल्फ़िन का घर है। हज़ारों मछुआरा परिवार झींगे, केकड़े और मछली के लिए इस पर निर्भर हैं। 1981 में चिल्का भारत के पहले रामसर स्थलों में शामिल हुई।
क्या आप जानते हैं? मणिपुर की लोकटक झील में घास और मिट्टी के तैरते द्वीप हैं, जिन्हें "फुमदी" कहते हैं। इन्हीं पर दुनिया का इकलौता तैरता राष्ट्रीय उद्यान, कैबुल लामजाओ, है, जो लुप्तप्राय संगाई हिरण का घर है।
भारत की बाक़ी रिकॉर्ड झीलें कौन-सी हैं?
| झील | राज्य या क्षेत्र | ख़ास बात |
|---|---|---|
| वुलर | जम्मू-कश्मीर | मीठे पानी की सबसे बड़ी झील |
| चिल्का | ओडिशा | खारे पानी की सबसे बड़ी लैगून |
| सांभर | राजस्थान | अंतर्देशीय खारे पानी की सबसे बड़ी झील |
| वेम्बनाड | केरल | सबसे लंबी झील; नेहरू ट्रॉफ़ी नौका दौड़ |
| लोकटक | मणिपुर | तैरती फुमदी और कैबुल लामजाओ उद्यान |
| डल | जम्मू-कश्मीर | शिकारे और हाउसबोट |
| पैंगोंग त्सो | लद्दाख | ऊँचाई पर लंबी खारी झील, जिसका बड़ा हिस्सा सीमा पार है |
मानव-निर्मित झीलों में उत्तर प्रदेश में रिहंद बाँध से बनी गोविंद बल्लभ पंत सागर को अक्सर सबसे बड़ी झीलों में गिना जाता है। ऐसे जलाशय बिजली, सिंचाई और पीने के लिए पानी जमा रखते हैं। ऐसे और रिकॉर्ड के लिए देखिए भारत की सबसे ऊँची, लंबी और बड़ी चीज़ों वाला पेज।
कुछ झीलें मीठी और कुछ खारी क्यों होती हैं?
झील तब मीठी रहती है जब पानी उसमें आता भी है और बाहर भी जाता है, जैसे झेलम वुलर से होकर बहती है। बहता पानी घुले हुए लवण (salt) जमा होने से पहले ही बहा ले जाता है। चिल्का जैसी लैगून खारी इसलिए है क्योंकि समुद्र उसके मुहाने से भीतर आता है और ज़मीन से आने वाली नदियों से मिलता है।
सांभर के खारे होने का कारण अलग है। यह थार मरुस्थल के पूर्वी किनारे पर सूखे इलाक़े में है और इसके पानी के बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं, इसलिए धूप से पानी वाष्पित (evaporate) हो जाता है और नमक पीछे रह जाता है। सांभर लंबे समय से साधारण नमक का स्रोत रही है, वही सफ़ेद दाने जो रसोई के नमकदान तक पहुँचते हैं। नदियाँ इसका उलटा करती हैं, जैसा दुनिया की सबसे बड़ी नदी वाले पेज में दिखता है: वे लगातार समुद्र की ओर बहती रहती हैं।
झीलें क्यों ज़रूरी हैं, और रामसर स्थल क्या हैं?
झीलें पीने का पानी, मछली और पर्यटन से कमाई देती हैं। डल झील की शिकारा सवारी और वेम्बनाड की सर्प-नौका दौड़ कई परिवारों का सहारा है। झीलें बाढ़ का पानी सोखती हैं और भूजल भरती हैं, इसलिए जो शहर अपनी झीलों को कूड़े और इमारतों से भर देता है, वह अक्सर मानसून में डूबता है।
आर्द्रभूमियों पर अंतरराष्ट्रीय समझौता, रामसर कन्वेंशन, 1971 में ईरान के शहर रामसर में हुआ था। आज भारत में 100 से ज़्यादा रामसर स्थल हैं, जिनमें चिल्का, लोकटक, वुलर और सांभर शामिल हैं। विश्व आर्द्रभूमि दिवस हर साल 2 फ़रवरी को मनाया जाता है।
मुख्य बिंदु
- मीठे पानी की सबसे बड़ी झील: वुलर, बांदीपोरा, जम्मू-कश्मीर।
- खारे पानी की सबसे बड़ी झील: चिल्का, ओडिशा, मौसम के हिसाब से लगभग 900 से 1,165 वर्ग किमी।
- अंतर्देशीय खारे पानी की सबसे बड़ी झील: सांभर, राजस्थान; सबसे लंबी झील: वेम्बनाड, केरल।
- मणिपुर की लोकटक झील में दुनिया का इकलौता तैरता राष्ट्रीय उद्यान, कैबुल लामजाओ, है।
- भारत में 100 से ज़्यादा रामसर स्थल हैं; चिल्का 1981 में इस सूची में आई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की सबसे बड़ी झील कौन-सी है?
वुलर मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है और चिल्का खारे पानी की सबसे बड़ी झील। परीक्षा में उत्तर चुनने से पहले देखिए कि सवाल मीठे पानी का है या खारे पानी का।
भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की अंतर्देशीय झील कौन-सी है?
राजस्थान की सांभर झील अंतर्देशीय खारे पानी की सबसे बड़ी झील है। चिल्का उससे बड़ी है, पर वह समुद्र और नदी के मिले पानी वाली तटीय लैगून है, अंतर्देशीय झील नहीं।
भारत की सबसे लंबी झील कौन-सी है?
केरल की वेम्बनाड भारत की सबसे लंबी झील है। यह अपने बैकवाटर और नेहरू ट्रॉफ़ी नौका दौड़ के लिए प्रसिद्ध है; ऐसे और विषय हमारे भूगोल खंड में हैं।
स्रोत: चिल्का विकास प्राधिकरण, ओडिशा सरकार और एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका: वुलर झील।
स्रोत
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