मुख्य सामग्री पर जाएँ
नया आज का क्विज़ शुरू — 10 प्रश्न, 5 मिनट। अभी खेलें

मदन मोहन मालवीय

Madan Mohan Malaviya

शिक्षा उत्तर प्रदेश इतिहास के महान व्यक्तित्व

महामना मदन मोहन मालवीय भारत के एक विद्वान, शिक्षाविद, पत्रकार, वकील तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वे चार बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे।

जन्म

25 दिसंबर 1861

निधन

12 नवंबर 1946

सम्मान

भारत रत्‍न

आज का क्विज़ दें

मुख्य तथ्य

जन्म
25 दिसंबर 1861, प्रयागराज
निधन
12 नवंबर 1946, वाराणसी
जन्म राज्य
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
क्षेत्र
शिक्षा
पेशा
भारतीय नेता व शिक्षाविद् (1861-1946)
लिंग
पुरुष

जीवनी

महामना मदन मोहन मालवीय भारत के एक विद्वान, शिक्षाविद, पत्रकार, वकील तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वे चार बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। उन्होंने अखिल भारतीय हिन्दू महासभा की स्थापना की। वे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रणेता तो थे ही और इस युग के आदर्श पुरुष भी थे। वे भारत के पहले और अन्तिम व्यक्ति थे जिन्हें महामना की सम्मानजनक उपाधि से विभूषित किया गया। पत्रकारिता, वकालत, समाज सुधार, मातृ भाषा तथा भारतमाता की सेवा में अपना जीवन अर्पण करने वाले इस महामानव ने जिस विश्वविद्यालय की स्थापना की उसमें उनकी परिकल्पना ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षित करके देश सेवा के लिये तैयार करने की थी जो देश का मस्तक गौरव से ऊँचा कर सकें। मालवीयजी सत्य, ब्रह्मचर्य, व्यायाम, देशभक्ति तथा आत्मत्याग में अद्वितीय थे। इन समस्त आचरणों पर वे केवल उपदेश ही नहीं दिया करते थे अपितु स्वयं उनका पालन भी किया करते थे। वे अपने व्यवहार में सदैव मृदुभाषी रहे। कर्म ही उनका जीवन था।

विकिपीडिया (CC BY-SA 4.0) पर आधारित सारांश, रोचक दुनिया की संपादकीय टीम द्वारा जाँचा गया।

जीवन यात्रा

  1. 1861प्रयागराज में जन्म
  2. 1946वाराणसी में निधन
स्रोत व लाइसेंस विकिडेटा से अंतिम मिलान: 27 सितंबर 2026
त्रुटि बताएँ