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पांडुरंग शास्त्री आठवले

Pandurang Shastri Athavale

दर्शन व विचार महाराष्ट्र इतिहास के महान व्यक्तित्व

पांडुरंगशास्त्री आठवले, भारत के दार्शनिक, आध्यात्मिक गुरू, समाज सुधारक तथा तत्त्वचिंतक थे। उनको प्राय: दादाजी के नाम से जाना जाता है जिसका मराठी में अर्थ 'बड़े भाई साहब' होता है।

जन्म

19 अक्टूबर 1920

निधन

25 अक्टूबर 2003

सम्मान

पद्म विभूषण

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मुख्य तथ्य

जन्म
19 अक्टूबर 1920, महाराष्ट्र
निधन
25 अक्टूबर 2003, मुम्बई
जन्म राज्य
महाराष्ट्र, महाराष्ट्र
क्षेत्र
दर्शन व विचार
पेशा
Indian philosopher, spiritual leader and social reformer (1920–2003)
लिंग
पुरुष

जीवनी

पांडुरंगशास्त्री आठवले, भारत के दार्शनिक, आध्यात्मिक गुरू, समाज सुधारक तथा तत्त्वचिंतक थे। उनको प्राय: दादाजी के नाम से जाना जाता है जिसका मराठी में अर्थ 'बड़े भाई साहब' होता है। उन्होने सन् १९५४ में स्वाध्याय कार्य की शरुआत की और स्वाध्याय परिवार की स्थापना की। स्वाध्याय कार्य श्रीमद्भागवद्गीता पर आधारित आत्म-ज्ञान का कार्य है जो भारत के एक लाख से अधिक गावों में फैला हुआ है और इसके कोई लाखो सदस्य हैं। दादाजी उपनिषदों, वेद एवम उपनिषद् पर अपने प्रवचन के लिये प्रसिद्ध है।

विकिपीडिया (CC BY-SA 4.0) पर आधारित सारांश, रोचक दुनिया की संपादकीय टीम द्वारा जाँचा गया।

जीवन यात्रा

  1. 1920महाराष्ट्र में जन्म
  2. 1996रेमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित
  3. 2003मुम्बई में निधन
स्रोत व लाइसेंस विकिडेटा से अंतिम मिलान: 27 सितंबर 2026
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