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जगद्गुरु रामभद्राचार्य

जगद्गुरु रामभद्राचार्य

Rambhadracharya

जगद्गुरु रामभद्राचार्य (१९५०–), पूर्वाश्रम नाम गिरिधर मिश्र(ग्राम -सराय भोगी, ब्लॉक-सुजानगंज तहसील-मछलीशहर जौनपुर) चित्रकूट में रहने वाले एक प्रख्यात विद्वान्, शिक्षाविद्, बहुभाषाविद्, रचनाकार, प्रवचनकार, दार्शनिक और हिन्दू धर्मगुरु हैं। वे रामानन्द सम्प्रदाय के वर्तमान चार जगद्गुरु रामानन्दाचार्यों में से एक हैं और इस पद पर १९८८ ई से प्रतिष्ठित हैं।

जन्म

14 जनवरी 1950

सम्मान

पद्म विभूषण

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मुख्य तथ्य

जन्म
14 जनवरी 1950, जौनपुर जिला
जन्म राज्य
जौनपुर जिला, उत्तर प्रदेश
क्षेत्र
धर्म व अध्यात्म
पेशा
हिंदू धार्मिक नेता (जन्म: 1950)
लिंग
पुरुष

जीवनी

जगद्गुरु रामभद्राचार्य (१९५०–), पूर्वाश्रम नाम गिरिधर मिश्र(ग्राम -सराय भोगी, ब्लॉक-सुजानगंज तहसील-मछलीशहर जौनपुर) चित्रकूट में रहने वाले एक प्रख्यात विद्वान्, शिक्षाविद्, बहुभाषाविद्, रचनाकार, प्रवचनकार, दार्शनिक और हिन्दू धर्मगुरु हैं। वे रामानन्द सम्प्रदाय के वर्तमान चार जगद्गुरु रामानन्दाचार्यों में से एक हैं और इस पद पर १९८८ ई से प्रतिष्ठित हैं। वे चित्रकूट में स्थित संत तुलसीदास के नाम पर स्थापित तुलसी पीठ नामक धार्मिक और सामाजिक सेवा संस्थान के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। वे चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के संस्थापक और आजीवन कुलाधिपति हैं। यह विश्वविद्यालय केवल चतुर्विध विकलांग विद्यार्थियों को स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और डिग्री प्रदान करता है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दो मास की आयु में नेत्र की ज्योति से रहित हो गए थे और तभी से प्रज्ञाचक्षु हैं।

विकिपीडिया (CC BY-SA 4.0) पर आधारित सारांश, रोचक दुनिया की संपादकीय टीम द्वारा जाँचा गया।

जीवन यात्रा

  1. 1950जौनपुर जिला में जन्म
  2. 2005Sahitya Akademi Award in Sanskrit से सम्मानित
स्रोत व लाइसेंस विकिडेटा से अंतिम मिलान: 27 सितंबर 2026
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