भारतीय संविधान के रोचक तथ्य: 15 बातें जो हर छात्र जाने
भारतीय संविधान के रोचक तथ्य: इसे बनने में 2 साल 11 महीने 18 दिन लगे, यह हाथ से लिखा गया था और दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है।
रोहित टंडन · 9 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट
हमारा देश जिस किताब से चलता है, वह है भारत का संविधान। स्कूल की परीक्षा हो या प्रतियोगी परीक्षा, संविधान से जुड़े सवाल हर जगह पूछे जाते हैं। लेकिन भारतीय संविधान के रोचक तथ्य सिर्फ़ परीक्षा के लिए नहीं, हर नागरिक के लिए जानने लायक़ हैं — यह कैसे बना, किसने लिखा, कहाँ रखा है और इसमें अब तक क्या बदला। यहाँ ऐसे 15 तथ्य एक जगह दिए गए हैं।
संविधान कैसे बना
- 2 साल 11 महीने 18 दिन: संविधान सभा ने संविधान तैयार करने में लगभग तीन साल लगाए। इस दौरान 11 सत्र हुए और कुल 165 दिन बैठकें चलीं।
- पहली बैठक 9 दिसंबर 1946: संविधान सभा की पहली बैठक नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन हॉल (आज का संविधान सदन) में हुई। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा इसके अस्थायी अध्यक्ष बने।
- स्थायी अध्यक्ष: 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए।
- प्रारूप समिति: 29 अगस्त 1947 को सात सदस्यों वाली प्रारूप समिति बनी, जिसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे। इसी कारण उन्हें "संविधान का मुख्य शिल्पी" कहा जाता है।
- दो तारीख़ें: संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। 26 जनवरी इसलिए चुनी गई क्योंकि 1930 में इसी दिन "पूर्ण स्वराज दिवस" मनाया गया था।
हाथ से लिखा, कलाकारों से सजा
- छपा नहीं, हाथ से लिखा: संविधान की मूल अंग्रेज़ी प्रति सुलेखक प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा ने अपने हाथ से इटैलिक शैली में लिखी। हिंदी प्रति वसंत कृष्ण वैद्य ने लिखी।
- चित्रों से सजी प्रति: शांतिनिकेतन के कलाकार नंदलाल बोस और उनके साथियों ने हर भाग के पन्नों को भारतीय इतिहास और संस्कृति के चित्रों से सजाया। प्रस्तावना का पन्ना ब्योहार राममनोहर सिन्हा ने सजाया।
- 284 हस्ताक्षर: 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों ने मूल प्रतियों पर हस्ताक्षर किए।
- हीलियम से भरे बक्से: हिंदी और अंग्रेज़ी की मूल प्रतियाँ संसद के पुस्तकालय में हीलियम गैस से भरे ख़ास बक्सों में सुरक्षित रखी गई हैं, ताकि काग़ज़ ख़राब न हो।
क्या आप जानते हैं? 2015 से हर साल 26 नवंबर को "संविधान दिवस" मनाया जाता है — उसी दिन की याद में, जब संविधान सभा ने संविधान को अपनाया था।
आकार और ढाँचा
- दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान: किसी भी संप्रभु देश का इतना लंबा लिखित संविधान नहीं है। लागू होते समय इसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ थीं।
- आज का आकार: संशोधनों के बाद अब इसमें 12 अनुसूचियाँ हैं और अनुच्छेदों की संख्या 395 से बढ़कर लगभग 470 हो गई है (बीच में जोड़े गए अनुच्छेद जैसे 21A मिलाकर)।
- "इंडिया, अर्थात भारत": अनुच्छेद 1 कहता है कि "इंडिया, अर्थात भारत, राज्यों का संघ होगा" — यानी देश के दोनों नाम संविधान में दर्ज हैं।
दूसरे देशों से ली गई अच्छी बातें
संविधान निर्माताओं ने दुनिया के कई संविधानों का अध्ययन किया और भारत की ज़रूरत के हिसाब से उनकी अच्छी बातें अपनाईं:
| विशेषता | किस देश से प्रेरित |
|---|---|
| संसदीय शासन प्रणाली | ब्रिटेन |
| मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन | अमेरिका |
| राज्य के नीति निदेशक तत्व | आयरलैंड |
| मज़बूत केंद्र वाला संघ | कनाडा |
| समवर्ती सूची | ऑस्ट्रेलिया |
| मौलिक कर्तव्य | पूर्व सोवियत संघ |
संविधान में बदलाव
- 42वाँ संशोधन (1976): इसे "लघु संविधान" भी कहा जाता है। इसी ने प्रस्तावना में "समाजवादी", "पंथनिरपेक्ष" और "अखंडता" शब्द जोड़े और मौलिक कर्तव्यों का नया भाग बनाया।
- 106 संशोधन: 2023 तक संविधान में 106 संशोधन हो चुके थे। 106वें संशोधन ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया।
- 11 मौलिक कर्तव्य: 1976 में 10 कर्तव्य जोड़े गए थे; 2002 में 86वें संशोधन ने 11वाँ कर्तव्य जोड़ा — 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर देना।
संघ और राज्यों के बीच शक्तियाँ कैसे बँटी हैं, यह समझने के लिए पढ़ें: भारत में संघवाद: "अर्ध-संघीय" शब्द ही सटीक क्यों है। इसी विषय के और लेख राजव्यवस्था खंड में हैं।
मुख्य बिंदु
- संविधान बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे।
- संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई; डॉ. राजेंद्र प्रसाद इसके स्थायी अध्यक्ष चुने गए।
- प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे।
- संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
- संविधान की मूल प्रतियाँ हाथ से लिखी गईं और कलाकारों ने उन्हें सजाया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय संविधान कब लागू हुआ?
संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को पूरी तरह लागू हुआ। इसी दिन को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।
संविधान का जनक किसे कहा जाता है?
प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर को संविधान का मुख्य शिल्पी या जनक कहा जाता है।
संविधान बनाने में कितना समय लगा?
2 वर्ष 11 महीने 18 दिन — 9 दिसंबर 1946 की पहली बैठक से 26 नवंबर 1949 तक।
अपनी तैयारी परखें: कक्षा 8 GK क्विज़: भारत का संविधान।
स्रोत
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