भारत के प्रमुख बाँध: सबसे ऊँचा, सबसे लंबा और सबसे पुराना
भारत के प्रमुख बाँध एक नज़र में: सबसे ऊँचा टिहरी, सबसे लंबा हीराकुड, सबसे पुराना कल्लणै, और भाखड़ा, सरदार सरोवर तथा नागार्जुन सागर।
रोहित टंडन · 16 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट
बाँध नदियों के पानी को रोककर बड़े जलाशय बनाते हैं, जिनसे सिंचाई, पीने का पानी, बिजली और बाढ़ से बचाव — सब मिलता है। आज़ादी के बाद जवाहरलाल नेहरू ने बड़े बाँधों को "आधुनिक भारत के मंदिर" कहा था। यहाँ भारत के प्रमुख बाँध उनकी नदियों, राज्यों और ख़ास बातों के साथ दिए गए हैं — परीक्षा के लिए भी और सामान्य जानकारी के लिए भी।
भारत के प्रमुख बाँध एक नज़र में
| बाँध | नदी | राज्य | ख़ास बात |
|---|---|---|---|
| टिहरी | भागीरथी | उत्तराखंड | भारत का सबसे ऊँचा बाँध (लगभग 260 मीटर) |
| भाखड़ा | सतलुज | हिमाचल प्रदेश | ऊँचे कंक्रीट बाँधों में; जलाशय "गोबिंद सागर" |
| हीराकुड | महानदी | ओडिशा | दुनिया के सबसे लंबे बाँधों में (तटबंधों सहित लगभग 26 किमी) |
| सरदार सरोवर | नर्मदा | गुजरात | गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान को पानी |
| इंदिरा सागर | नर्मदा | मध्य प्रदेश | भंडारण क्षमता में भारत के सबसे बड़े जलाशयों में |
| नागार्जुन सागर | कृष्णा | तेलंगाना–आंध्र प्रदेश | दुनिया के सबसे बड़े चिनाई (पत्थर-चूने के) बाँधों में |
| मेट्टूर | कावेरी | तमिलनाडु | 1934 में बना; जलाशय "स्टैनली जलाशय" |
| इडुक्की | पेरियार | केरल | एशिया के ऊँचे आर्च (मेहराबदार) बाँधों में |
सबसे ऊँचा: टिहरी बाँध
उत्तराखंड में भागीरथी नदी पर बना टिहरी बाँध लगभग 260 मीटर ऊँचा है — भारत का सबसे ऊँचा और दुनिया के सबसे ऊँचे बाँधों में से एक। यह मिट्टी और पत्थरों से भरा (अर्थ एंड रॉकफ़िल) बाँध है। इससे बिजली बनती है और दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश को पीने और सिंचाई का पानी मिलता है। बाँध बनने से पुराना टिहरी शहर जलाशय में डूब गया और लोगों को नई टिहरी में बसाया गया।
सबसे लंबा: हीराकुड बाँध
ओडिशा में संबलपुर के पास महानदी पर बना हीराकुड बाँध 1957 में पूरा हुआ। मुख्य बाँध और दोनों ओर के मिट्टी के तटबंधों को मिलाकर इसकी लंबाई लगभग 26 किलोमीटर है, इसलिए इसे दुनिया के सबसे लंबे बाँधों में गिना जाता है। इसने महानदी डेल्टा में बार-बार आने वाली बाढ़ को काफ़ी हद तक रोका।
बाँध के प्रकार
बनावट के आधार पर बाँध मुख्य रूप से तीन तरह के होते हैं। ग्रेविटी बाँध अपने भारी वज़न से पानी को रोकता है — भाखड़ा और नागार्जुन सागर इसके उदाहरण हैं। आर्च बाँध मेहराब की तरह मुड़ा होता है और पानी का दबाव दोनों ओर की चट्टानों पर डाल देता है — इडुक्की ऐसा ही है। मिट्टी और पत्थर से भरे बाँध वहाँ बनते हैं जहाँ ठोस चट्टान बहुत गहराई में हो — टिहरी और हीराकुड के तटबंध इसी तरह के हैं। हर बाँध के साथ एक "स्पिलवे" बनाया जाता है, जिससे बाढ़ के समय अतिरिक्त पानी सुरक्षित तरीक़े से बाहर निकाला जा सके।
क्या आप जानते हैं? तमिलनाडु में कावेरी नदी पर बना "कल्लणै" (ग्रैंड एनीकट) लगभग दो हज़ार साल पहले चोल राजा करिकालन के समय बना माना जाता है। यह दुनिया की सबसे पुरानी जल-नियंत्रण संरचनाओं में है, जो आज भी इस्तेमाल हो रही है।
बाँधों के फ़ायदे और चुनौतियाँ
- फ़ायदे: सिंचाई से खेती बढ़ी (हरित क्रांति में भाखड़ा का बड़ा योगदान रहा), पनबिजली मिली, शहरों को पानी मिला और बाढ़ पर नियंत्रण हुआ।
- विस्थापन: बड़े जलाशयों से गाँव और खेत डूबते हैं, जिससे लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। नर्मदा पर बाँधों के ख़िलाफ़ "नर्मदा बचाओ आंदोलन" इसी मुद्दे पर चला।
- पर्यावरण: नदी का बहाव बदलने से मछलियों और नदी के जीवों पर असर पड़ता है, और जलाशयों में गाद जमने से उनकी क्षमता घटती है।
- सुरक्षा: पुराने बाँधों की देखरेख के लिए 2021 में "बाँध सुरक्षा अधिनियम" बनाया गया।
भारत में 5,000 से ज़्यादा बड़े बाँध हैं — संख्या में चीन और अमेरिका के बाद तीसरा स्थान। बाँधों से बनी विशाल झीलों के बारे में पढ़ें: भारत की सबसे बड़ी झील।
मुख्य बिंदु
- भारत का सबसे ऊँचा बाँध टिहरी (भागीरथी, उत्तराखंड) है।
- सबसे लंबा बाँध हीराकुड (महानदी, ओडिशा) है।
- कावेरी पर बना कल्लणै सबसे पुराने उपयोग में आने वाले बाँधों में है।
- सरदार सरोवर और इंदिरा सागर दोनों नर्मदा नदी पर हैं।
- नेहरू ने बड़े बाँधों को "आधुनिक भारत के मंदिर" कहा था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत का सबसे ऊँचा बाँध कौन-सा है?
उत्तराखंड का टिहरी बाँध, जो भागीरथी नदी पर बना है और लगभग 260 मीटर ऊँचा है।
भाखड़ा-नांगल बाँध किस नदी पर है?
सतलुज नदी पर। भाखड़ा हिमाचल प्रदेश में और नांगल पंजाब में है।
नदियों के बारे में पढ़ें: भारत की प्रमुख नदियाँ · और लेख: भूगोल · अभ्यास: भूगोल के प्रश्न।
स्रोत
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