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धनतेरस का महत्व: कथा, परंपराएँ और ख़रीदारी के नियम

धनतेरस दिवाली का पहला दिन है। जानिए धन्वंतरि और यम दीपदान की कथा, बर्तन और सोना ख़रीदने की परंपरा और सोने पर हॉलमार्क देखने का सही तरीका।

· 14 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट

दिवाली के पाँच दिनों के उत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है। यह कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है — "धन" और "तेरस" (तेरहवीं तिथि) से इसका नाम बना। इस दिन आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है, घरों में नए बर्तन या सोना-चाँदी ख़रीदने की परंपरा है और शाम को यमराज के लिए दीया जलाया जाता है। 2026 में धनतेरस दिवाली (8 नवंबर) से दो दिन पहले पड़ेगा; सटीक मुहूर्त अपने पंचांग से देखें।

धनतेरस की कथाएँ

भगवान धन्वंतरि

पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि हाथ में अमृत-कलश लेकर इसी दिन प्रकट हुए थे। उन्हें आयुर्वेद का जनक और देवताओं का वैद्य माना जाता है। इसीलिए धनतेरस को "धन्वंतरि जयंती" भी कहते हैं, और आयुर्वेद से जुड़े लोग इस दिन विशेष पूजा करते हैं। "धन" का एक अर्थ स्वास्थ्य रूपी धन भी है — "पहला सुख निरोगी काया"।

यम दीपदान की कथा

एक लोककथा के अनुसार राजा हिम के पुत्र की कुंडली में विवाह के चौथे दिन साँप के डसने से मृत्यु लिखी थी। उसकी पत्नी ने उस रात कमरे के दरवाज़े पर सोने-चाँदी के गहनों का ढेर लगा दिया और ढेर सारे दीये जलाकर रात भर कहानियाँ और गीत सुनाती रही। चमक से चौंधियाकर साँप के रूप में आए यमराज भीतर नहीं जा सके और लौट गए। इसी की याद में धनतेरस की शाम घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के लिए दीया जलाया जाता है, जिसे "यम दीपदान" कहते हैं।

धनतेरस की परंपराएँ

परंपरामान्यता
बर्तन ख़रीदनाधन्वंतरि अमृत-कलश लेकर प्रकट हुए, इसलिए धातु के नए बर्तन शुभ माने जाते हैं
सोना-चाँदीसमृद्धि और लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक
झाड़ूकई क्षेत्रों में नई झाड़ू ख़रीदी जाती है — दरिद्रता को घर से बाहर करने का प्रतीक
यम दीपदानपरिवार की सुरक्षा और लंबी आयु की कामना
कुबेर और लक्ष्मी पूजाधन और समृद्धि की कामना

क्या आप जानते हैं? धनतेरस के आसपास भारत में सोने-चाँदी और बर्तनों की बिक्री साल के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच जाती है। इसीलिए ज्वैलर्स और बाज़ार इस दिन के लिए हफ़्तों पहले से तैयारी करते हैं।

सोना ख़रीदें तो हॉलमार्क ज़रूर देखें

भारत में जून 2021 से सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई है (कुछ छूटों के साथ)। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी है। गहना ख़रीदते समय ये बातें देखें:

  • BIS का तिकोना निशान गहने पर बना हो।
  • शुद्धता का अंक — जैसे 22K916 (22 कैरेट) या 18K750 (18 कैरेट)।
  • 6 अंकों का HUID (हॉलमार्क यूनिक आईडी) — इसे सरकारी "BIS केयर" ऐप में डालकर गहने की पूरी जानकारी जाँची जा सकती है।
  • पक्का बिल लें, जिसमें वज़न, शुद्धता और बनवाई अलग-अलग लिखी हो। बिल से बाद में गहना बदलने या बेचने में भी आसानी होती है।

मुख्य बिंदु

  • धनतेरस कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाता है और दिवाली उत्सव का पहला दिन है।
  • इस दिन आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि की जयंती मनाई जाती है।
  • शाम को यमराज के लिए दक्षिण दिशा में दीया जलाया जाता है।
  • बर्तन, सोना-चाँदी और झाड़ू ख़रीदना शुभ माना जाता है।
  • सोना ख़रीदते समय BIS हॉलमार्क और 6 अंकों का HUID ज़रूर जाँचें।

पूरे त्योहार की कहानी पढ़ें: दिवाली क्यों मनाई जाती है और दिवाली के रोचक तथ्य।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस पर क्या ख़रीदना शुभ है?

परंपरा के अनुसार धातु के बर्तन, सोना-चाँदी, सिक्के और झाड़ू। ख़रीदारी अपनी ज़रूरत और बजट के अनुसार ही करें।

धनतेरस पर यम का दीया क्यों जलाते हैं?

लोककथा के अनुसार यम दीपदान से परिवार की रक्षा होती है; यह दीया घर के बाहर दक्षिण की ओर मुख करके जलाया जाता है।

और पढ़ें: रोचक तथ्य · सामान्य ज्ञान के प्रश्न।

स्रोत

  1. Ministry of Ayush (नए टैब में खुलता है)
  2. Bureau of Indian Standards — hallmarking (नए टैब में खुलता है)
  3. Ministry of Culture (नए टैब में खुलता है)
धनतेरस का महत्व: कथा, परंपराएँ और ख़रीदारी के नियम

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