स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी: दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा के तथ्य
स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के तथ्य: 182 मीटर ऊँचाई, 31 अक्टूबर 2018 को उद्घाटन, नर्मदा के साधु बेट पर, 153 मीटर की ऊँचाई से नज़ारा और आसपास के आकर्षण।
रोहित टंडन · 27 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट
गुजरात में नर्मदा नदी के बीच एक छोटे-से टापू पर खड़ी सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा है। इसका नाम है स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी — "एकता की प्रतिमा", उस नेता की याद में जिसने सैकड़ों रियासतों को जोड़कर एक भारत बनाया। यहाँ इस विशाल प्रतिमा के रोचक तथ्य दिए गए हैं।
स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी एक नज़र में
| बात | जानकारी |
|---|---|
| ऊँचाई | 182 मीटर (लगभग 597 फ़ुट) |
| उद्घाटन | 31 अक्टूबर 2018, पटेल की 143वीं जयंती पर |
| जगह | साधु बेट टापू, सरदार सरोवर बाँध के पास, एकता नगर (केवड़िया), नर्मदा ज़िला, गुजरात |
| डिज़ाइन | मूर्तिकार राम वी. सुतार |
| निर्माण | लार्सन एंड टुब्रो (L&T) |
| दर्शक दीर्घा | लगभग 153 मीटर की ऊँचाई पर |
कितनी ऊँची है?
182 मीटर की यह प्रतिमा अमेरिका की "स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी" (आधार समेत लगभग 93 मीटर) से लगभग दोगुनी ऊँची है। इससे पहले दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा चीन का "स्प्रिंग टेंपल बुद्ध" (लगभग 128 मीटर) थी। 182 मीटर की ऊँचाई इसलिए भी ख़ास है कि गुजरात विधानसभा में 182 सीटें हैं। प्रतिमा में पटेल धोती और शॉल पहने, चलने की मुद्रा में दिखाए गए हैं।
कैसे बनी?
- प्रतिमा का अंदरूनी ढाँचा कंक्रीट और स्टील का है, और बाहर काँसे (ब्रॉन्ज़) की हज़ारों प्लेटें लगाई गई हैं।
- इसे तेज़ हवाओं और भूकंप के झटकों को सहने लायक़ डिज़ाइन किया गया।
- निर्माण के दौरान देश भर के किसानों से खेती के पुराने औज़ारों का लोहा इकट्ठा करने का अभियान भी चलाया गया, ताकि हर गाँव इससे जुड़ सके।
- लगभग पाँच साल में यह प्रतिमा तैयार हुई।
क्या आप जानते हैं? प्रतिमा के सीने के पास, लगभग 153 मीटर की ऊँचाई पर, एक दर्शक दीर्घा है, जहाँ तेज़ रफ़्तार लिफ़्ट से पहुँचा जाता है। यहाँ से सरदार सरोवर बाँध, नर्मदा नदी और विंध्य-सतपुड़ा की पहाड़ियों का शानदार नज़ारा दिखता है। 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) ने इसे अपने "आठ अजूबों" की सूची में शामिल किया।
सरदार सरोवर बाँध से रिश्ता
प्रतिमा नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बाँध से लगभग 3.5 किलोमीटर नीचे की ओर है। यह बाँध गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान को पानी और बिजली देता है, और इसका नाम भी सरदार पटेल पर ही है — पढ़ें भारत के प्रमुख बाँध।
मूर्तिकार राम सुतार
स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी को डिज़ाइन करने वाले राम वनजी सुतार का जन्म 1925 में महाराष्ट्र में हुआ। उन्होंने दशकों तक महापुरुषों की प्रतिमाएँ बनाईं; संसद परिसर में ध्यान की मुद्रा में बैठे महात्मा गांधी की प्रसिद्ध प्रतिमा भी उन्हीं की बनाई है, और उनकी बनाई गांधी-प्रतिमाएँ कई देशों में लगी हैं। कला में योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
कैसे पहुँचें?
सबसे पास का बड़ा हवाई अड्डा वडोदरा है, जो लगभग 90 किलोमीटर दूर है। जनवरी 2021 से देश के कई शहरों से केवड़िया (एकता नगर) रेलवे स्टेशन तक सीधी ट्रेनें चलती हैं, और सड़क मार्ग से भी यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है।
आसपास क्या देखें?
- फूलों की घाटी: नर्मदा के किनारे बना बड़ा बाग़।
- जंगल सफ़ारी और कैक्टस गार्डन: बच्चों और परिवारों के लिए लोकप्रिय।
- लाइट एंड साउंड शो: शाम को प्रतिमा पर रोशनी के साथ पटेल की कहानी।
- राष्ट्रीय एकता दिवस परेड: हर 31 अक्टूबर को यहीं आयोजित होती है — पढ़ें राष्ट्रीय एकता दिवस।
घूमने जाने से पहले टिकट, समय और साप्ताहिक बंदी की ताज़ा जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर देख लें। पटेल की कहानी: सरदार पटेल और रियासतों का विलय।
मुख्य बिंदु
- स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी 182 मीटर ऊँची — दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा है।
- इसका उद्घाटन 31 अक्टूबर 2018 को हुआ।
- यह गुजरात के एकता नगर में नर्मदा के साधु बेट टापू पर है।
- इसे मूर्तिकार राम वी. सुतार ने डिज़ाइन किया।
- दर्शक दीर्घा लगभग 153 मीटर की ऊँचाई पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी की ऊँचाई कितनी है?
182 मीटर, यानी लगभग 597 फ़ुट।
स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी कहाँ है?
गुजरात के नर्मदा ज़िले में, एकता नगर (केवड़िया) के पास, सरदार सरोवर बाँध के नज़दीक साधु बेट टापू पर।
और लेख: रोचक तथ्य।
स्रोत
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