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दुनिया की सबसे महंगी कार कौन-सी है? रिकॉर्ड और कारण

दुनिया की सबसे महंगी कार 1955 की मर्सिडीज़-बेंज़ 300 SLR "ऊलेनहाउट कूपे" है, जो 2022 में लगभग 1,100 करोड़ रुपये में बिकी। जानिए बाक़ी रिकॉर्ड।

· 15 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट

कार का शौक़ रखने वाले अक्सर पूछते हैं — दुनिया की सबसे महंगी कार कौन-सी है? इसका जवाब इस पर निर्भर है कि हम नीलामी में बिकी पुरानी (क्लासिक) कार की बात कर रहे हैं या कंपनी की बनाई नई कार की। यहाँ दोनों तरह के रिकॉर्ड दिए गए हैं, और यह भी कि कोई कार करोड़ों-अरबों की क्यों बिकती है।

अब तक बिकी सबसे महंगी कार

मई 2022 में जर्मनी में हुई एक गुप्त नीलामी में 1955 की मर्सिडीज़-बेंज़ 300 SLR "ऊलेनहाउट कूपे" लगभग 13.5 करोड़ यूरो — यानी करीब 14.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर (उस समय लगभग 1,100 करोड़ रुपये) — में बिकी। यह अब तक किसी भी कार के लिए दी गई सबसे बड़ी रक़म है। इसके पीछे के कारण:

  • ऐसी केवल दो कारें बनी थीं, और दोनों बरसों तक मर्सिडीज़-बेंज़ के पास रहीं।
  • यह 1955 की रेसिंग कार 300 SLR पर आधारित थी, जिसने उस दौर की कई बड़ी रेसें जीती थीं।
  • इसका नाम इंजीनियर रुडोल्फ़ ऊलेनहाउट पर पड़ा, जिन्होंने इसे अपनी निजी कार की तरह इस्तेमाल किया।
  • नीलामी की रक़म मर्सिडीज़-बेंज़ ने छात्रों की पढ़ाई के लिए एक कोष बनाने में लगाई।

नीलामी के दूसरे बड़े रिकॉर्ड

कारकब बिकीलगभग क़ीमत
मर्सिडीज़-बेंज़ 300 SLR ऊलेनहाउट कूपे (1955)202214.3 करोड़ डॉलर
फ़ेरारी 250 GTO (1962)20235.17 करोड़ डॉलर
फ़ेरारी 250 GTO (1962, दूसरी कार)20184.84 करोड़ डॉलर

फ़ेरारी 250 GTO की केवल 36 कारें बनी थीं, इसलिए इसे कार-संग्रह की दुनिया में सबसे क़ीमती मॉडलों में गिना जाता है।

क्या आप जानते हैं? ऊलेनहाउट कूपे की तेज़ रफ़्तार (लगभग 290 किलोमीटर प्रति घंटा) अपने ज़माने में इतनी ज़्यादा थी कि इसे सड़क पर चलने वाली दुनिया की सबसे तेज़ कारों में गिना जाता था — 1950 के दशक में!

नई बनी सबसे महंगी कारें

नई कारों में सबसे महंगी वे हैं जो किसी एक ग्राहक के लिए ख़ास तौर पर ("कोचबिल्ट") बनाई जाती हैं। ब्रिटेन की रोल्स-रॉयस ने 2021 में "बोट टेल" और 2023 में "ला रोज़ नोआर ड्रॉपटेल" जैसी गिनी-चुनी कारें बनाईं, जिनकी क़ीमत मीडिया रिपोर्टों में 2.5 से 3 करोड़ डॉलर से ज़्यादा बताई गई। कंपनी आमतौर पर ऐसी कारों की असली क़ीमत सार्वजनिक नहीं करती, इसलिए ये आँकड़े अनुमान हैं। फ़्रांस की बुगाटी की एकमात्र "ला वॉयचर नोआर" (2019) भी सबसे महंगी नई कारों में गिनी जाती है।

कोई कार इतनी महंगी क्यों होती है?

  • दुर्लभता: जितनी कम कारें बनीं, क़ीमत उतनी ज़्यादा।
  • इतिहास: रेस जीतने वाली या किसी मशहूर व्यक्ति से जुड़ी कारें ज़्यादा क़ीमती होती हैं।
  • हाथ का काम: कोचबिल्ट कारों में हज़ारों घंटे की कारीगरी लगती है।
  • हालत: मूल पुर्ज़ों वाली, अच्छी तरह सँभाली गई कार की क़ीमत सबसे ऊँची लगती है।

भारत और महंगी कारें

भारत में भी लग्ज़री कारों का बाज़ार तेज़ी से बढ़ा है। आज़ादी से पहले कई राजा-महाराजा रोल्स-रॉयस जैसी कारों के बड़े शौक़ीन थे और उनके संग्रह दुनिया भर में मशहूर थे। ऐसी कई पुरानी कारें आज भी विंटेज कार रैलियों और संग्रहालयों में देखी जा सकती हैं। ध्यान रहे, भारत में आयातित कारों पर भारी कर लगता है, इसलिए यहाँ उनकी क़ीमत विदेश से काफ़ी ज़्यादा होती है।

मुख्य बिंदु

  • अब तक बिकी सबसे महंगी कार 1955 की मर्सिडीज़-बेंज़ 300 SLR ऊलेनहाउट कूपे है।
  • यह 2022 में लगभग 14.3 करोड़ डॉलर में बिकी; ऐसी केवल दो कारें बनी थीं।
  • फ़ेरारी 250 GTO नीलामी में बिकने वाली दूसरी सबसे महंगी कारों में है।
  • नई कारों में रोल्स-रॉयस की कोचबिल्ट कारें सबसे महंगी मानी जाती हैं।
  • दुर्लभता, इतिहास और कारीगरी से कार की क़ीमत तय होती है।

दुनिया की और सबसे बड़ी और सबसे महंगी चीज़ों के बारे में पढ़ें: दुनिया की सबसे ऊँची इमारत और दुनिया की सबसे महंगी लकड़ी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुनिया की सबसे महंगी कार कौन-सी है?

1955 की मर्सिडीज़-बेंज़ 300 SLR ऊलेनहाउट कूपे, जो 2022 में लगभग 14.3 करोड़ डॉलर में बिकी।

सबसे महंगी नई कार कौन-सी है?

रोल्स-रॉयस की कोचबिल्ट कारें, जैसे "ला रोज़ नोआर ड्रॉपटेल"; इनकी असली क़ीमत कंपनी सार्वजनिक नहीं करती।

और पढ़ें: रोचक तथ्य · आज का क्विज़।

स्रोत

  1. Mercedes-Benz Group — 300 SLR Uhlenhaut Coupé sale (2022) (नए टैब में खुलता है)
  2. RM Sotheby's (नए टैब में खुलता है)
  3. Guinness World Records (नए टैब में खुलता है)
दुनिया की सबसे महंगी कार कौन-सी है? रिकॉर्ड और कारण

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