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ग्रीन पटाखे क्या होते हैं, आम पटाखों से कितना कम प्रदूषण करते हैं?

ग्रीन पटाखे संशोधित रासायनिक मिश्रण से बनाए जाते हैं, ताकि पारंपरिक पटाखों की तुलना में प्रदूषण कम हो। जानें सीएसआईआर-नीरी की तकनीक, प्रदूषण में कमी की सीमा और असली ग्रीन पटाखों की पहचान करने का तरीका।

· 2 नवंबर 2026 · 9 मिनट

ग्रीन पटाखे ऐसे आतिशबाजी उत्पाद हैं, जिन्हें रासायनिक मिश्रण में बदलाव करके पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाने के उद्देश्य से बनाया जाता है। अगर आप खोज रहे हैं कि ग्रीन पटाखे क्या होते हैं, तो सबसे जरूरी बात यह है कि ये प्रदूषण घटाते हैं, लेकिन उसे पूरी तरह खत्म नहीं करते। भारत में वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद की राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-नीरी) ने ऐसे पटाखों के लिए कम उत्सर्जन वाले रासायनिक मिश्रण विकसित किए हैं और उनका परीक्षण किया है।

ग्रीन पटाखे आम पटाखों से अलग कैसे होते हैं?

ग्रीन पटाखा केवल ऐसा सामान्य पटाखा नहीं है, जिसके पैकेट पर हरे रंग का निशान बना हो। इसकी रासायनिक संरचना और कुछ मामलों में कच्चे माल की मात्रा या किस्म में बदलाव किया जाता है, ताकि जलने के दौरान कम प्रदूषक निकलें। सीएसआईआर-नीरी इन पटाखों के उत्सर्जन की तुलना उसी श्रेणी के पारंपरिक पटाखों से करता है, क्योंकि अलग-अलग प्रकार के पटाखों की तुलना सीधे एक-दूसरे से करना सही नहीं होगा।

सामान्य पटाखे जलने पर सूक्ष्म कण (पार्टिकुलेट मैटर या पीएम), सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) और धातुओं वाले कण हवा में छोड़ सकते हैं। इनमें पीएम2.5 जैसे बारीक कण फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं, जबकि पीएम10 जैसे अपेक्षाकृत बड़े कण भी सांस की नली में परेशानी पैदा कर सकते हैं। दिवाली के दौरान घनी आबादी वाली कॉलोनियों में धुआं जमा होने पर स्थिति ऐसी हो सकती है, जैसे बिना उचित हवा आने-जाने वाली रसोई में खाना बनाने का धुआं देर तक बना रहे।

ग्रीन पटाखों का उद्देश्य बेहतर रासायनिक मिश्रण, अधिक प्रभावी दहन और कच्चे माल में बदलाव के जरिए उत्सर्जन घटाना है। कोशिश यह रहती है कि अनार की रोशनी या फुलझड़ी की चमक जैसे परिचित प्रभाव बने रहें, लेकिन उनसे निकलने वाला प्रदूषण कम हो। विज्ञान से जुड़े अन्य रोचक विषयों के लिए आप रोचकदुनिया के रोचक तथ्यों और ज्ञान वाले लेखों को भी पढ़ सकते हैं।

ग्रीन पटाखे कितना कम प्रदूषण फैलाते हैं?

सीएसआईआर-नीरी के मानकों के अनुसार, योग्य ग्रीन पटाखों के किसी मिश्रण से निकलने वाले कणों में कम से कम 30% की कमी होनी चाहिए। एक अन्य मानक में कणों के उत्सर्जन में कम से कम 20% की कमी और गैसीय उत्सर्जन में कम से कम 10% या उससे अधिक की अतिरिक्त कमी का प्रावधान है। ये आंकड़े उसी श्रेणी के पारंपरिक पटाखे की तुलना में तय किए जाते हैं, इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर ग्रीन पटाखा हर तरह के प्रदूषण को ठीक 30% कम कर देता है।

विशेषतापारंपरिक पटाखेग्रीन पटाखे
हवा में कणों का उत्सर्जनतुलना के लिए पारंपरिक मिश्रण को आधार माना जाता हैकणों में कम से कम 30% कमी या कणों और गैसों में निर्धारित संयुक्त कमी
रासायनिक संरचनाऐसे सामान्य मिश्रण हो सकते हैं जिनसे अधिक उत्सर्जन होता हैउत्सर्जन घटाने के लिए संशोधित मिश्रण
बेरियम यौगिककुछ पारंपरिक मिश्रणों में मौजूद हो सकते हैंविकसित ग्रीन मिश्रणों में बेरियम यौगिकों से परहेज किया जाता है
आवाजपटाखे के प्रकार के अनुसार अलग-अलगउत्पाद पर निर्भर; कम उत्सर्जन का अर्थ पूरी तरह शांत होना नहीं है
वायु प्रदूषणधुआं, कण और गैसें छोड़ते हैंप्रदूषण फैलाते हैं, लेकिन योग्य उत्पादों को कम उत्सर्जन के लिए बनाया जाता है

इसे एक आसान उदाहरण से समझिए। यदि किसी पारंपरिक पटाखे से एक खास परीक्षण में 100 इकाई कण निकलते हैं, तो 30% कमी का मतलब होगा कि तुलनीय परिस्थितियों में ग्रीन मिश्रण से 70 इकाई कण निकलें। यह प्रतिशत समझाने के लिए दिया गया उदाहरण है, किसी खास पटाखे का वास्तविक परीक्षण परिणाम नहीं। किसी मोहल्ले की हवा पर असर इस बात से भी पड़ता है कि कितने पटाखे जलाए गए, हवा कितनी चल रही है और धुआं फैलने के लिए मौसम कितना अनुकूल है।

क्या आप जानते हैं? कुछ ग्रीन पटाखों में ऐसे पदार्थ इस्तेमाल किए जाते हैं जो हवा में फैलने वाले कणों को कम करने में मदद करते हैं। एसडब्ल्यूएएस (SWAS) नाम के मिश्रण में पॉलिमर हाइड्रोजेल पटाखा फूटने के दौरान निकलने वाले कणों को पकड़ने में मदद करता है।

ग्रीन पटाखे प्रदूषण के एक स्रोत को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन उनसे स्वच्छ हवा की गारंटी नहीं मिलती। घनी आबादी वाले इलाके में बड़ी संख्या में पटाखे एक साथ जलाने पर हवा की गुणवत्ता फिर भी बिगड़ सकती है, खासकर तब जब मौसम धुएं को ऊपर उठने या दूर फैलने न दे।

ग्रीन पटाखों में किन रसायनों से परहेज किया जाता है?

सीएसआईआर-नीरी के विकसित ग्रीन मिश्रणों में बेरियम यौगिकों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। पारंपरिक आतिशबाजी में कुछ बेरियम यौगिक हरा रंग पैदा करने के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं, जबकि अन्य धातुएं और रासायनिक पदार्थ भी प्रदूषण बढ़ा सकते हैं। ग्रीन पटाखों में कुछ कच्चे पदार्थों का उपयोग घटाने और दहन को अधिक प्रभावी बनाने की भी कोशिश की जाती है।

कम उत्सर्जन के लिए विकसित 3 प्रमुख मिश्रण

एसडब्ल्यूएएस (सेफ वाटर रिलीज़र) में पॉलिमर हाइड्रोजेल का इस्तेमाल किया जाता है, जो पटाखा फूटने पर निकलने वाले कणों को पकड़ने में मदद करता है। इसका उद्देश्य पटाखे के अपेक्षित प्रभाव को बनाए रखते हुए कणों का उत्सर्जन कम करना है। यह उदाहरण दिखाता है कि सामग्री में बदलाव करके धुएं और धूल के फैलाव को किस तरह नियंत्रित किया जा सकता है।

स्टार (सेफ थर्माइट क्रैकर) में संशोधित रासायनिक मिश्रण के साथ आयरन ऑक्साइड का उपयोग किया जाता है, जिससे दहन की दक्षता बेहतर बनाने में मदद मिलती है। अधिक प्रभावी दहन से हवा में फैलने वाले कणों की मात्रा कम करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, किसी खास उत्पाद के प्रदर्शन का पता उसके परीक्षण परिणामों से ही चलता है।

सफल (सेफ मिनिमल एल्युमिनियम) में एल्युमिनियम के उपयोग को कम करने पर जोर दिया जाता है। मिश्रण में एल्युमिनियम की मात्रा और पटाखे के जलने का तरीका उसके उत्सर्जन को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए सामग्री में कमी या बदलाव से प्रदूषण घटाने में मदद मिल सकती है। इन तीनों नामों का अर्थ अलग-अलग तकनीकी तरीके हैं, न कि यह कि सभी उत्पाद समान मात्रा में प्रदूषण फैलाते हैं।

ग्रीन पटाखे अनार, पेंसिल, फुलझड़ी और अन्य परिचित रूपों में बनाए जा सकते हैं। केवल आकार देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि कोई पटाखा असली ग्रीन पटाखा है या नहीं। जैसे दवा की बोतल का रंग उसके अंदर की दवा की पुष्टि नहीं करता, वैसे ही पटाखे का रूप या दुकानदार का दावा भी उसकी प्रामाणिकता साबित नहीं करता।

असली ग्रीन पटाखे की पहचान कैसे करें?

पैकेट पर सीएसआईआर-नीरी से जुड़ा आधिकारिक ग्रीन फायरवर्क्स लोगो और क्यूआर कोड देखें। क्यूआर कोड का उद्देश्य उत्पाद और निर्माता की जानकारी जांचने तथा नकली पटाखों को पहचानने में मदद करना है। केवल हरे रंग की पैकिंग, हाथ से लिखे लेबल या “पर्यावरण के अनुकूल” जैसे शब्दों पर भरोसा न करें।

जहां उपलब्ध हो, आधिकारिक सीएसआईआर-नीरी ग्रीन क्यूआर कोड ऐप से कोड स्कैन करें और मिलने वाली जानकारी जांचें। स्क्रीन पर दिखने वाले उत्पाद और निर्माता का विवरण पैकेट पर लिखी जानकारी से मेल खाना चाहिए। यदि कोड की पुष्टि नहीं होती, जानकारी मेल नहीं खाती या पैकेट पर जरूरी पहचान चिह्न नहीं हैं, तो उसे असली मानकर न चलें।

सीएसआईआर-नीरी पटाखों के रासायनिक मिश्रणों का परीक्षण करता है और पंजीकृत निर्माताओं की जानकारी उपलब्ध कराता है। संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट यह भी स्पष्ट करती है कि उसकी आधिकारिक ऑनलाइन व्यवस्था से जारी प्रमाणपत्र और परीक्षण रिपोर्ट ही प्रामाणिक दस्तावेज हैं। ऐसे विक्रेताओं से सावधान रहें जो केवल प्रमाणपत्र की तस्वीर दिखाते हैं या ऐसे दावे करते हैं जिनकी पुष्टि नहीं हो सकती। रोजमर्रा के ज्ञान के लिए रोचकदुनिया पर अन्य लेख और सामान्य ज्ञान की प्रश्नोत्तरी भी उपलब्ध हैं।

क्या ग्रीन पटाखे पूरी तरह सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त हैं?

नहीं। “ग्रीन” का अर्थ यह नहीं है कि पटाखे से धुआं बिल्कुल नहीं निकलेगा या उसे बिना सावधानी के जलाया जा सकता है। ग्रीन पटाखे पारंपरिक पटाखों की तुलना में कुछ उत्सर्जनों को कम करने के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन इनमें दहन होता है और इनसे कण, गैसें, गर्मी तथा आवाज निकल सकती है।

अस्थमा या सांस की अन्य परेशानी वाले लोग, छोटे बच्चे और बुजुर्ग प्रदूषित हवा से विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, दिवाली की रात किसी मोहल्ले में बहुत सारे पटाखे जलने के बाद जमीन के पास जमा धुआं बाहर खेल रहे बच्चे को प्रभावित कर सकता है। भारी धुएं के समय खिड़कियां बंद रखने से घर के भीतर धुआं आने की मात्रा कम हो सकती है, लेकिन पटाखे न जलाना उनके उत्सर्जन से बचने का सबसे सीधा तरीका है।

पटाखे खरीदने और जलाने से जुड़े स्थानीय नियमों, निर्धारित समय तथा अनुमत उत्पादों की जानकारी जरूर लें। ग्रीन लेबल होने का अर्थ यह नहीं कि किसी स्थानीय प्रतिबंध की अनदेखी की जा सकती है। सुरक्षित दूरी बनाए रखें, पैकेट पर दिए निर्देशों का पालन करें और खराब पटाखे को न जलाएं तथा उसकी सामग्री में बदलाव करने की कोशिश न करें।

मुख्य बिंदु

  • ग्रीन पटाखों में रासायनिक मिश्रण बदला जाता है, ताकि पारंपरिक पटाखों की तुलना में उत्सर्जन कम हो।
  • सीएसआईआर-नीरी के मानकों में कणों के उत्सर्जन में कम से कम 30% कमी या कणों और गैसों में निर्धारित संयुक्त कमी शामिल है।
  • ग्रीन पटाखे प्रदूषण-मुक्त नहीं हैं; उत्सर्जन में कमी उत्पाद और उसके मिश्रण पर निर्भर करती है।
  • एसडब्ल्यूएएस, स्टार और सफल कम उत्सर्जन के लिए विकसित अलग-अलग तकनीकी मिश्रण हैं।
  • असली उत्पाद की पहचान के लिए आधिकारिक सीएसआईआर-नीरी लोगो और क्यूआर कोड देखें तथा विवरण की पुष्टि करें।
  • स्थानीय नियमों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें; पटाखे न जलाना उनके उत्सर्जन को रोकने का सबसे सीधा उपाय है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ग्रीन पटाखे भी सामान्य पटाखों जैसे रूपों में मिलते हैं?

हां। ग्रीन पटाखे अनार, पेंसिल, फुलझड़ी और अन्य परिचित रूपों में मिल सकते हैं। लेकिन केवल आकार देखकर उनकी प्रामाणिकता तय नहीं की जा सकती; आधिकारिक पहचान चिह्न और उत्पाद का विवरण जांचना जरूरी है।

क्या ग्रीन पटाखे हर परिस्थिति में 30% कम वायु प्रदूषण फैलाते हैं?

नहीं। यह कमी निर्धारित परीक्षण और तुलना के मानकों के अनुसार कुछ उत्सर्जनों के लिए बताई जाती है, न कि हर प्रदूषक या पूरे शहर के वायु प्रदूषण के लिए। कितने पटाखे जलाए गए और मौसम कैसा है, इससे भी हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

मैं असली ग्रीन पटाखे की जांच कैसे कर सकता हूं?

पैकेट पर आधिकारिक सीएसआईआर-नीरी ग्रीन फायरवर्क्स लोगो और क्यूआर कोड देखें। जहां उपलब्ध हो, आधिकारिक सत्यापन ऐप से कोड स्कैन करें और जांचें कि उत्पाद तथा निर्माता का विवरण पैकेट से मेल खाता है; जिसकी पहचान की पुष्टि न हो, उसे असली न मानें।

स्रोत: ग्रीन पटाखों के विकास, उत्सर्जन और पहचान के बारे में जानकारी के लिए सीएसआईआर-नीरी की आधिकारिक वेबसाइट पर ग्रीन पटाखों की जानकारी और प्रेस सूचना ब्यूरो की ग्रीन पटाखों से संबंधित घोषणा देखें।

ग्रीन पटाखे क्या होते हैं, आम पटाखों से कितना कम प्रदूषण करते हैं?

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