दिवाली क्यों मनाई जाती है? रोशनी के त्योहार की कहानियाँ
दिवाली क्यों मनाई जाती है: राम की अयोध्या वापसी, लक्ष्मी पूजा, नरकासुर वध, महावीर का निर्वाण और बंदी छोड़ दिवस — एक त्योहार, कई कहानियाँ।
रोहित टंडन · 14 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट
दीयों की कतारें, रंगोली, मिठाइयाँ और परिवार का साथ — दीपावली भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्यारा त्योहार है। "दीपावली" का अर्थ है "दीपों की पंक्ति"। लेकिन दिवाली क्यों मनाई जाती है, इसका एक नहीं, कई जवाब हैं — अलग-अलग क्षेत्रों और धर्मों में इससे जुड़ी अलग-अलग कहानियाँ हैं, और सबका संदेश एक है: अँधेरे पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर ज्ञान की जीत।
दिवाली कब मनाई जाती है?
दिवाली हिंदू पंचांग के कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाई जाती है, जो आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर में पड़ती है। पंचांग के अनुसार 2026 में दिवाली (लक्ष्मी पूजा) 8 नवंबर, रविवार को है। स्थानीय पूजा-मुहूर्त अपने क्षेत्र के पंचांग से देखें। दिवाली असल में पाँच दिनों का उत्सव है:
| दिन | त्योहार |
|---|---|
| पहला | धनतेरस (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) |
| दूसरा | नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली |
| तीसरा | दिवाली — लक्ष्मी पूजा (अमावस्या) |
| चौथा | गोवर्धन पूजा / अन्नकूट |
| पाँचवाँ | भाई दूज (कार्तिक शुक्ल द्वितीया) |
दिवाली से जुड़ी कहानियाँ
- श्रीराम की अयोध्या वापसी: रामायण की परंपरा के अनुसार श्रीराम चौदह वर्ष के वनवास और रावण पर विजय के बाद सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने पूरा नगर दीयों से सजा दिया। उत्तर भारत में दिवाली की यही कथा सबसे प्रचलित है।
- लक्ष्मी पूजा: मान्यता है कि समुद्र मंथन से देवी लक्ष्मी इसी समय प्रकट हुई थीं। इसलिए दिवाली की रात धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी और विघ्नहर्ता गणेश की पूजा होती है, और घर साफ़ करके दरवाज़े पर रंगोली बनाई जाती है।
- नरकासुर पर विजय: दक्षिण भारत में दिवाली (दीपावली) का संबंध श्रीकृष्ण द्वारा अत्याचारी नरकासुर के वध से जोड़ा जाता है। वहाँ नरक चतुर्दशी की सुबह तेल-स्नान के साथ उत्सव मनाया जाता है।
- काली पूजा: पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में इसी अमावस्या की रात माँ काली की पूजा होती है।
क्या आप जानते हैं? दिवाली सिर्फ़ हिंदुओं का त्योहार नहीं है। जैन धर्म में इसी दिन भगवान महावीर का निर्वाण दिवस मनाया जाता है, और सिख समुदाय इसे "बंदी छोड़ दिवस" के रूप में मनाता है — जब गुरु हरगोबिंद साहिब ग्वालियर के क़िले से 52 राजाओं को साथ लेकर रिहा हुए थे।
अलग-अलग परंपराओं में दिवाली
- जैन धर्म: परंपरा के अनुसार 527 ईसा पूर्व में इसी दिन पावापुरी (बिहार) में भगवान महावीर को निर्वाण प्राप्त हुआ। जैन समुदाय दीप जलाकर ज्ञान के प्रकाश का उत्सव मनाता है।
- सिख धर्म: अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में दिवाली पर ख़ास रोशनी और आतिशबाज़ी होती है।
- आर्य समाज: आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती का निधन 1883 में दिवाली के दिन हुआ था; आर्य समाज इसे उनके निर्वाण दिवस के रूप में भी याद करता है।
- व्यापारी वर्ग: गुजरात और राजस्थान के कई व्यापारी दिवाली पर नए बही-खातों की पूजा ("चोपड़ा पूजन") करते हैं और इसे नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत मानते हैं।
दिवाली कैसे मनाएँ — ज़िम्मेदारी से
घर की सफ़ाई, दीये, रंगोली और मिठाइयाँ इस त्योहार की जान हैं। मिट्टी के दीये ख़रीदकर हम स्थानीय कुम्हारों की मदद करते हैं। पटाख़ों से हवा और ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, जिसका असर बच्चों, बुज़ुर्गों और जानवरों पर ज़्यादा होता है; जहाँ अनुमति हो वहाँ भी कम प्रदूषण वाले "ग्रीन पटाख़े" और कम शोर बेहतर विकल्प हैं। दिवाली का असली अर्थ है रिश्तों में मिठास और ज़रूरतमंदों के साथ ख़ुशियाँ बाँटना।
मुख्य बिंदु
- दीपावली का अर्थ है "दीपों की पंक्ति"; यह कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है।
- 2026 में दिवाली (लक्ष्मी पूजा) 8 नवंबर को है।
- उत्तर भारत में श्रीराम की अयोध्या वापसी और दक्षिण में नरकासुर वध की कथा प्रचलित है।
- जैन धर्म में महावीर निर्वाण और सिख धर्म में बंदी छोड़ दिवस इसी दिन मनाए जाते हैं।
- यह पाँच दिनों का उत्सव है — धनतेरस से भाई दूज तक।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में दिवाली कब है?
पंचांग के अनुसार 8 नवंबर 2026, रविवार को। धनतेरस इससे दो दिन पहले और भाई दूज इसके दो-तीन दिन बाद, पंचांग की तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं।
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों होती है?
मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या को देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थीं, इसलिए इस रात धन और समृद्धि की देवी की पूजा की जाती है।
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