इमेज डाउनलोड करें
और तरीक़ों से शेयर करें
इसका अर्थ
विवेकानंद मानते थे कि हर व्यक्ति के भीतर पहले से बड़ी क्षमता होती है। सच्ची शिक्षा ख़ाली दिमाग़ नहीं भरती, बल्कि उस भीतरी पूर्णता को बाहर लाती है।
स्रोत
The Complete Works of Swami Vivekananda, Vol. 4 — "Education" (reviewer: confirm the volume)