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भारत के ओलंपिक पदक: पहले पदक से पेरिस 2024 तक

भारत के ओलंपिक पदक एक नज़र में: पेरिस 2024 तक कुल 41 पदक, 10 स्वर्ण, हॉकी के आठ स्वर्ण, अभिनव बिंद्रा, नीरज चोपड़ा और मनु भाकर के ऐतिहासिक पल।

· 18 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट

ओलंपिक खेलों में पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी का सबसे बड़ा सपना होता है। भारत ने 1900 से अब तक कई यादगार पदक जीते हैं — हॉकी के सुनहरे दौर से लेकर नीरज चोपड़ा के भाले तक। यहाँ भारत के ओलंपिक पदक की पूरी कहानी दी गई है: कुल कितने पदक, पहले पदक किसने जीते और कौन-से रिकॉर्ड आज भी याद किए जाते हैं।

भारत के ओलंपिक पदक: कुल गिनती

पेरिस 2024 तक भारत ने ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में कुल 41 पदक जीते हैं — 10 स्वर्ण, 10 रजत और 21 कांस्य। इनमें 1900 में नॉर्मन प्रिचर्ड के दो रजत भी शामिल हैं, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति भारत के नाम गिनती है।

पदकसंख्याख़ास बात
स्वर्ण108 हॉकी में, 1 शूटिंग में (बिंद्रा), 1 एथलेटिक्स में (नीरज)
रजत10शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, भारोत्तोलन, एथलेटिक्स और हॉकी
कांस्य21सबसे ज़्यादा कुश्ती, शूटिंग, मुक्केबाज़ी और हॉकी में
कुल41सबसे अच्छा प्रदर्शन टोक्यो 2020 में — 7 पदक

भारत के व्यक्तिगत स्वर्ण पदक

"पहले" पदक जिन्होंने इतिहास बनाया

सालखिलाड़ीउपलब्धि
1928भारतीय हॉकी टीमभारत का पहला ओलंपिक स्वर्ण
1952के.डी. जाधवस्वतंत्र भारत का पहला व्यक्तिगत पदक (कुश्ती, कांस्य)
2000कर्णम मल्लेश्वरीओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला (भारोत्तोलन, कांस्य)
2012मैरी कॉममहिला मुक्केबाज़ी में भारत का पहला पदक (कांस्य)
2016पी.वी. सिंधुबैडमिंटन में भारत का पहला रजत; 2020 में कांस्य भी जीता
2024मनु भाकरस्वतंत्र भारत की ओर से एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी

क्या आप जानते हैं? दो अलग-अलग ओलंपिक में व्यक्तिगत पदक जीतने वाले भारतीयों में सुशील कुमार (कुश्ती: 2008 कांस्य, 2012 रजत), पी.वी. सिंधु (2016 रजत, 2020 कांस्य) और नीरज चोपड़ा (2020 स्वर्ण, 2024 रजत) शामिल हैं।

पेरिस 2024 में भारत

पेरिस 2024 में भारत ने 6 पदक जीते — नीरज चोपड़ा का रजत और पाँच कांस्य। मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल में और सरबजोत सिंह के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य जीते। स्वप्निल कुसाले ने 50 मीटर राइफ़ल थ्री पोज़ीशन में, अमन सहरावत ने कुश्ती में और पुरुष हॉकी टीम ने लगातार दूसरा कांस्य जीता। हॉकी के सुनहरे दौर की कहानी हमारे लेख "भारतीय हॉकी का स्वर्ण युग" में पढ़ें, जो आज ही प्रकाशित हो रहा है।

ओलंपिक पदक इतने कठिन क्यों हैं?

ओलंपिक में लगभग 200 देशों के 10,000 से ज़्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, और हर स्पर्धा में केवल तीन पदक होते हैं। एक पदक के पीछे आम तौर पर 10–15 साल की रोज़ाना ट्रेनिंग, अच्छे कोच, पोषण, चोट से बचाव और मानसिक मज़बूती होती है। "टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम" (TOPS) और "खेलो इंडिया" जैसी सरकारी योजनाएँ अब खिलाड़ियों को कम उम्र से मदद देती हैं, जिसका असर पिछले कुछ ओलंपिक में साफ़ दिखा है। भारत ने पहली बार 1920 के एंटवर्प ओलंपिक में अपना दल भेजा था, और तब से हर ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में हिस्सा लिया है।

मुख्य बिंदु

  • पेरिस 2024 तक भारत के कुल 41 ओलंपिक पदक हैं: 10 स्वर्ण, 10 रजत, 21 कांस्य।
  • 10 में से 8 स्वर्ण हॉकी में आए।
  • पहला व्यक्तिगत स्वर्ण अभिनव बिंद्रा (2008) ने जीता।
  • नीरज चोपड़ा ने एथलेटिक्स में पहला स्वर्ण (2020) जीता।
  • कर्णम मल्लेश्वरी ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने ओलंपिक में कुल कितने पदक जीते हैं?

पेरिस 2024 तक कुल 41 पदक — 10 स्वर्ण, 10 रजत और 21 कांस्य।

भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण किसने जीता?

अभिनव बिंद्रा ने, बीजिंग 2008 में 10 मीटर एयर राइफ़ल स्पर्धा में।

भारत के खिलाड़ी: खेल जगत की हस्तियाँ · और लेख: रोचक तथ्य · अभ्यास: सामान्य ज्ञान के प्रश्न।

स्रोत

  1. Olympics.com — India (नए टैब में खुलता है)
  2. Indian Olympic Association (नए टैब में खुलता है)
  3. Sports Authority of India (नए टैब में खुलता है)
भारत के ओलंपिक पदक: पहले पदक से पेरिस 2024 तक

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