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ध्रुव तारा अपनी जगह क्यों नहीं हिलता? पूरा विज्ञान

ध्रुव तारा पृथ्वी की धुरी के ठीक ऊपर है, इसलिए एक ही जगह टिका दिखता है। जानिए इसे कैसे खोजें, यह दिशा और अक्षांश कैसे बताता है।

· 13 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट

रात भर तारे पूर्व से पश्चिम की ओर घूमते दिखते हैं, लेकिन उत्तर दिशा में एक तारा लगभग अपनी जगह से नहीं हिलता — वह है ध्रुव तारा। भारतीय कथाओं में बालक ध्रुव की अटल तपस्या की कहानी इसी तारे से जुड़ी है, और सदियों तक नाविक और यात्री इसी से उत्तर दिशा पहचानते रहे। आइए समझें कि यह तारा स्थिर क्यों दिखता है।

ध्रुव तारा स्थिर क्यों दिखता है?

असल में तारे नहीं घूमते, पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है। इसी कारण पूरा आसमान हमें एक धुरी के चारों ओर घूमता दिखता है। पृथ्वी की धुरी को अगर उत्तर की ओर आसमान तक बढ़ाएँ, तो वह लगभग ठीक ध्रुव तारे (अंग्रेज़ी में पोलारिस) पर पहुँचती है — उससे एक डिग्री से भी कम दूरी पर। जैसे घूमते पहिए का बीच वाला हिस्सा लगभग अपनी जगह पर रहता है, वैसे ही ध्रुव तारा भी आसमान के घूमते "पहिए" के केंद्र पर होने से स्थिर दिखता है। बाक़ी सारे तारे इसके चारों ओर गोल चक्कर लगाते दिखते हैं।

ध्रुव तारे को कैसे खोजें?

  1. उत्तर दिशा में सप्तर्षि (अंग्रेज़ी में बिग डिपर) के सात तारे ढूँढिए — ये एक बड़े चम्मच या कलछी जैसे दिखते हैं।
  2. कलछी के आगे वाले हिस्से के दो तारे (क्रतु और पुलह, जिन्हें "पॉइंटर" तारे कहते हैं) जोड़ने वाली रेखा को आगे बढ़ाइए।
  3. दोनों तारों की दूरी से लगभग पाँच गुना आगे जो मध्यम चमक वाला अकेला तारा मिलेगा, वही ध्रुव तारा है।

क्या आप जानते हैं? ध्रुव तारा आसमान का सबसे चमकीला तारा नहीं है — चमक में यह लगभग 48वें स्थान पर आता है। सबसे चमकीला तारा "व्याध" (सिरियस) है। ध्रुव तारा इसलिए ख़ास है क्योंकि वह हिलता नहीं।

दिशा और अक्षांश बताने वाला तारा

ध्रुव तारा हमेशा उत्तर में होता है, इसलिए रात में इससे दिशा पहचानी जा सकती है। इससे भी बड़ी बात: क्षितिज से ध्रुव तारे की ऊँचाई (डिग्री में) उस जगह के अक्षांश के लगभग बराबर होती है।

जगहलगभग अक्षांशध्रुव तारे की ऊँचाई
कन्याकुमारी8° उत्तरक्षितिज से बस 8° ऊपर
मुंबई19° उत्तरलगभग 19°
दिल्ली28.6° उत्तरलगभग 29°
लेह34° उत्तरलगभग 34°
उत्तरी ध्रुव90° उत्तरसिर के ठीक ऊपर

इसी तरीके से पुराने नाविक खुले समुद्र में जानते थे कि वे कितने उत्तर में हैं। अक्षांश और नक़्शों की कहानी पढ़ें: भारत का पहला नक़्शा किसने बनाया।

ध्रुव तारे के बारे में और रोचक बातें

  • दूरी: ध्रुव तारा हमसे लगभग 430 प्रकाश-वर्ष दूर है — यानी आज जो रोशनी दिख रही है, वह सैकड़ों साल पहले चली थी।
  • अकेला नहीं: यह असल में कई तारों का समूह है। इसका मुख्य तारा एक विशाल "सुपरजायंट" है, जिसकी चमक हल्की-हल्की घटती-बढ़ती रहती है।
  • दक्षिणी गोलार्ध में नहीं: दक्षिणी ध्रुव के ऊपर कोई चमकीला ध्रुव तारा नहीं है; वहाँ के लोग दिशा के लिए "दक्षिणी क्रॉस" तारामंडल का सहारा लेते हैं।
  • हमेशा यही नहीं रहेगा: पृथ्वी की धुरी लट्टू की तरह बहुत धीरे-धीरे डगमगाती है (इसे अयन या प्रिसेशन कहते हैं), जिसका एक चक्कर लगभग 26,000 साल का है। लगभग 12,000 साल बाद चमकीला तारा "अभिजित" (वेगा) ध्रुव तारे जैसी जगह पर होगा।

मुख्य बिंदु

  • ध्रुव तारा पृथ्वी की धुरी की सीध में है, इसलिए वह एक जगह टिका दिखता है।
  • उसे सप्तर्षि के दो "पॉइंटर" तारों की मदद से खोजा जाता है।
  • क्षितिज से उसकी ऊँचाई उस जगह के अक्षांश के लगभग बराबर होती है।
  • वह सबसे चमकीला तारा नहीं है; सबसे चमकीला सिरियस है।
  • हज़ारों साल में पृथ्वी की धुरी बदलने से ध्रुव तारा भी बदल जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ध्रुव तारा किस दिशा में दिखता है?

हमेशा उत्तर दिशा में। भारत में यह उत्तर के क्षितिज से कुछ ऊपर दिखता है — दक्षिण भारत में नीचे और उत्तर भारत में ज़्यादा ऊपर।

क्या ध्रुव तारा कभी नहीं हिलता?

वह धुरी से एक डिग्री से भी कम दूर है, इसलिए रात भर में बहुत छोटा-सा घेरा बनाता है, जो नंगी आँखों से पता नहीं चलता।

क्विज़: कक्षा 5: सौरमंडल · और पढ़ें: विज्ञान · भूगोल के प्रश्न।

स्रोत

  1. NASA — Polaris (नए टैब में खुलता है)
  2. Indian Institute of Astrophysics (नए टैब में खुलता है)
  3. Royal Museums Greenwich — the North Star (नए टैब में खुलता है)
ध्रुव तारा अपनी जगह क्यों नहीं हिलता? पूरा विज्ञान

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