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भूकंप क्यों आता है: कारण, नाप और बचाव के तरीक़े

भूकंप क्यों आता है: टेक्टोनिक प्लेटें, केंद्र और अधिकेंद्र, रिक्टर स्केल का मतलब, भारत के बड़े भूकंप और भूकंप के समय "झुको, ढको, पकड़ो" से अपनी जान कैसे बचाएँ।

· 21 अक्टूबर 2026 · 4 मिनट

अचानक ज़मीन हिलने लगे, पंखे झूलने लगें और बर्तन गिरने लगें — यह भूकंप है। कुछ सेकंड का एक बड़ा भूकंप पूरे शहर को तबाह कर सकता है। दुनिया में हर साल हज़ारों भूकंप दर्ज होते हैं, लेकिन ज़्यादातर इतने हल्के होते हैं कि महसूस भी नहीं होते। यहाँ जानिए भूकंप क्यों आता है, इसे कैसे नापा जाता है और भूकंप के समय क्या करना चाहिए।

भूकंप का कारण: खिसकती प्लेटें

पृथ्वी की ऊपरी परत कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों में बँटी है, जो हर साल कुछ सेंटीमीटर खिसकती रहती हैं। जहाँ दो प्लेटें मिलती हैं, वहाँ चट्टानें आपस में फँस जाती हैं और उनमें धीरे-धीरे तनाव जमा होता है। जब यह तनाव चट्टानों की सहनशक्ति से ज़्यादा हो जाता है, तो वे अचानक टूटकर खिसक जाती हैं, और जमा ऊर्जा तरंगों के रूप में चारों ओर फैलती है। यही भूकंप है। भारतीय प्लेट हर साल लगभग 5 सेंटीमीटर उत्तर की ओर बढ़कर यूरेशियाई प्लेट से टकरा रही है, इसीलिए हिमालयी क्षेत्र में भूकंप ज़्यादा आते हैं।

केंद्र, अधिकेंद्र और भूकंपीय तरंगें

  • केंद्र (फ़ोकस): ज़मीन के अंदर वह जगह जहाँ चट्टानें टूटती हैं।
  • अधिकेंद्र (एपिसेंटर): केंद्र के ठीक ऊपर ज़मीन की सतह पर स्थित बिंदु; यहाँ सबसे ज़्यादा झटका महसूस होता है।
  • P तरंगें: सबसे तेज़, सबसे पहले पहुँचती हैं।
  • S तरंगें: उनके बाद आती हैं और ज़मीन को ऊपर-नीचे और दाएँ-बाएँ हिलाती हैं।
  • सतही तरंगें: सबसे धीमी, लेकिन इमारतों को सबसे ज़्यादा नुक़सान इन्हीं से होता है।

भूकंप कैसे नापा जाता है?

भूकंप को सिस्मोग्राफ़ नाम के यंत्र से दर्ज किया जाता है। भूकंप की ताक़त यानी "तीव्रता" (मैग्निट्यूड) बताने के लिए 1935 में चार्ल्स रिक्टर ने "रिक्टर स्केल" बनाया; आज वैज्ञानिक इसी जैसा "मोमेंट मैग्निट्यूड स्केल" इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आम बोलचाल में "रिक्टर स्केल" ही कहा जाता है। इस पैमाने पर एक अंक बढ़ने का मतलब है ज़मीन का हिलना लगभग 10 गुना और छोड़ी गई ऊर्जा लगभग 32 गुना ज़्यादा। यानी 7 तीव्रता का भूकंप 6 वाले से लगभग 32 गुना ज़्यादा ताक़तवर होता है।

क्या आप जानते हैं? अब तक दर्ज सबसे शक्तिशाली भूकंप 22 मई 1960 को चिली के वाल्दिविया में आया था, जिसकी तीव्रता 9.5 थी। उससे उठी सुनामी ने हज़ारों किलोमीटर दूर जापान और हवाई तक तबाही मचाई।

भारत के कुछ बड़े भूकंप

सालजगहलगभग तीव्रता
1897शिलांग (मेघालय)8 से ऊपर
1934बिहार–नेपाल8.0
1950असम–तिब्बत8.6 — भारत में दर्ज सबसे बड़ा
1993लातूर (महाराष्ट्र)6.2 — कम तीव्रता, पर लगभग 10,000 मौतें
2001भुज (गुजरात), 26 जनवरी7.7
2015नेपाल (उत्तर भारत में भी झटके)7.8

भारत को भूकंप के ख़तरे के हिसाब से अलग-अलग ज़ोन में बाँटा गया है। सबसे ज़्यादा ख़तरा हिमालयी राज्यों, पूर्वोत्तर, गुजरात के कच्छ और अंडमान-निकोबार में है। ऐसे इलाक़ों में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के भूकंपरोधी नियमों के अनुसार इमारतें बनाना ज़रूरी है।

भूकंप के समय क्या करें?

  • झुको, ढको, पकड़ो: ज़मीन पर झुक जाएँ, किसी मज़बूत मेज़ के नीचे सिर और गर्दन ढकें और झटके रुकने तक उसे पकड़े रहें।
  • खिड़कियों, शीशे, अलमारियों और लटकती चीज़ों से दूर रहें।
  • लिफ़्ट का इस्तेमाल न करें; झटके रुकने के बाद सीढ़ियों से बाहर निकलें।
  • बाहर हों तो इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों से दूर खुली जगह में जाएँ।
  • गाड़ी चला रहे हों तो पुल और फ़्लाईओवर से दूर, सुरक्षित जगह पर रुकें।
  • बाद के झटकों (आफ़्टरशॉक) के लिए तैयार रहें और अफ़वाहों पर ध्यान न दें।

समुद्र के नीचे आए भूकंप से सुनामी भी उठ सकती है — पढ़ें इतिहास की सबसे बड़ी सुनामी। ज्वालामुखी और भूकंप का रिश्ता: ज्वालामुखी कैसे बनते हैं।

मुख्य बिंदु

  • भूकंप टेक्टोनिक प्लेटों के बीच जमा तनाव के अचानक निकलने से आता है।
  • सतह पर केंद्र के ठीक ऊपर का बिंदु अधिकेंद्र कहलाता है।
  • तीव्रता में एक अंक बढ़ने पर ऊर्जा लगभग 32 गुना बढ़ती है।
  • भारत का सबसे बड़ा दर्ज भूकंप 1950 का असम–तिब्बत भूकंप (8.6) है।
  • भूकंप के समय "झुको, ढको, पकड़ो" अपनाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूकंप किस यंत्र से नापा जाता है?

सिस्मोग्राफ़ से; तीव्रता रिक्टर या मोमेंट मैग्निट्यूड स्केल पर बताई जाती है।

भूकंप के समय सबसे पहले क्या करना चाहिए?

झुकें, किसी मज़बूत मेज़ के नीचे सिर ढकें और झटके रुकने तक उसे पकड़े रहें।

और लेख: भूगोल · भूगोल के प्रश्न।

स्रोत

  1. National Center for Seismology, Ministry of Earth Sciences (नए टैब में खुलता है)
  2. National Disaster Management Authority — Earthquake (नए टैब में खुलता है)
  3. US Geological Survey — Earthquake Hazards (नए टैब में खुलता है)
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